- सीएम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर दिया सुझाव
निजी अस्पतालों को दिए जाने वाले 16 टीके भी राज्य सरकार को ही दिए जाएं - गहलोत
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडेलिया को पत्र लिख कर सुझाव दिया है कि प्रदेश में अधिक से अधिक दूसरी डोज वालों का टीकाकरण करने के लिए निजी अस्पतालों के लिए आवंटित कोटा भी राज्य सरकार को ही सौंप दिया जाए। केंद्र ने निजी अस्पताल को 16 लाख टीके आवंटित किए हैं, लेकिन उनकी ओर से टीकों का उठाव मात्र दो प्रतिशत ही है। साथ ही, लोगों में भी निजी अस्पतालों में टीके लगवाने की रुचि कम दिखाई दे रही है। राजस्थान सरकार को निशुल्क टीकाकरण के लिए को 49 लाख टीके आवंटित किए हैं, लेकिन निजी क्षेत्र को दिए जाने वाले टीके भी राज्य सरकार को ही आवंटित कर दिए जाएं। पत्र में मुख्यमंत्री ने मंडेलिया को व्यक्तिगत रूप से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश को पर्याप्त टीके उपलब्ध करवाने की मांग की है। केंद्र ने टीकों के कुल आवंटन में से 25 प्रतिशत निजी चिकित्सा संस्थानों के लिए निर्धारित किया हुआ है।
पर्याप्त आपूर्ति हो तो दिसम्बर से पहले ही सबको टीके
पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में 15 लाख से अधिक रोजाना टीके लगाए जा सकते हैं। यदि केंद्र से पर्याप्त आपूर्ति होती रहे, तो दिसम्बर से पहले ही प्रदेशवासियों को वैक्सीन लगाई जा सकती है। परन्तु जिस प्रकार से अभी केन्द्र से सप्लाई हो रही है, उससे हमें चिंता है। 18 साल से अधिक के टीकाकरण अभियान की शुरुआत के बाद से प्राप्त टीके की खुराक का दैनिक औसत लगभग 2-3 लाख ही रहा है।
सहयोग-समर्थन की आशा
गहलोत ने पत्र में कहा कि वे राजस्थान के लिए टीके के आवंटन में वृद्धि के लिए आपके (मंडेलिया) व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करता हूं। इसके अलावा आपकी ओर से अधिक सहयोग और निरंतर समर्थन की आशा करता हूं। मुझे विश्वास है कि देश में हेल्थ इको-सिस्टम के शीर्ष पर आपके साथ, हम कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई में केंद्र और राज्य के बीच की साझेदारी को और भी आगे ले जा सकेंगे।
जुलाई के अंत तक 65 लाख को दूसरी डोज
गहलोत ने कहा कि हमारे प्रयासों के कारण, जल्दी टीकाकरण कराने वालों की संख्या सबसे अधिक थी। नतीजतन, जुलाई, 2021 के अंत तक लगभग 65 लाख लोगों को उनकी दूसरी खुराक दी जाएगी। केंद्र मुख्य रूप से आबादी के आधार पर टीकों का आवंटन करता रहा है, जबकि लोगों की संख्या पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में 2.59 करोड़ से अधिक लोगों को पहले ही टीकाकरण की पहली खुराक मिल चुकी है, और इनमें से 44 लाख से अधिक लोगों को दूसरी खुराक भी मिल चुकी है।