-पहली 15 से 20 जिलाध्यक्षों के नाम होने के संकेत. जिन अध्यक्षों के नाम पर पर विवाद नहीं, उनकी सूची आएगी पहले, जयपुर शहर देहात जिलाध्यक्ष पर फंसा पेंच, जिलाध्यक्षों की पहली सूची में कुछ पीसीसी पदाधिकारियों की भी हो सकती है घोषणा
फिरोज सैफी/जयपुर।
प्रदेश कांग्रेस मैं संगठन विस्तार की चल रही कवायद के बीच कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का काउंट-डाउन शुरू हो चुका है। 28 से 30 जुलाई के बीच कांग्रेस जिलाअध्यक्षों की पहली सूची आने के संकेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने दिए हैं। बताया जाता है कि 28 से 30 जुलाई के बीच कांग्रेस जिला अध्यक्षों की पहली सूची सामने आ सकती है, जिसमें जिलाध्यक्षों के लिए 15 से 20 नाम बताए जा रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों की माने तो कांग्रेस जिलाध्यक्षों की पहली सूची बनकर तैयार है और इसे मंजूरी के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल को भेजा गया है। वेणुगोपाल की मंजूरी के बाद ही जिलाध्यक्षों की पहली सूची जारी होगी।
जिन नामों पर विवाद नहीं, उनकी सूची पहले
विश्वस्त सूत्रों की माने तो जिन जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर कोई विवाद और टकराव नहीं है, उन जिलों के जिलाध्यक्षों का नाम पहली सूची में शामिल हैं। जिलाध्यक्षों के नाम फाइनल करने को लेकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन की प्रदेश के शीर्ष नेताओं से लंबी चर्चा हो चुकी है और और चर्चा के बाद ही जिलाध्यक्षों के नाम फाइनल किए गए हैं।
जयपुर पर फंसा पेंच
वहीं जिलाध्यक्षों में सबसे प्रमुख माने जाने वाले जयपुर शहर और जयपुर देहात जिलाध्यक्ष के पदों पर पेंच फंसा हुआ है जयपुर शहर और देहात अध्यक्ष पद पर किसी भी एक नाम पर आम सहमति नहीं बन पाने के चलते जयपुर जिलाध्यक्ष का मामला अटक गया है। माना जा रहा है कि पहली सूची में जयपुर जिले का नाम नहीं होगा।
माकन ने मांगा था तीन-तीन नामों का पैनल
दऱअसल प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कांग्रेस के सभी जिला प्रभारियों से जिलाध्यक्षों के लिए तीन तीन नामों का पैनल मांगा था, जिस पर जिला प्रभारियों ने मंत्रियों, विधायकों, निवर्तमान जिलाध्यक्षों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों, से अलग-अलग चर्चा कर नामों पर सुझाव लिए थे और उसके बाद तीन-तीन नामों का पैनल तैयार करके कांग्रेस आलाकमान को भेजे थे।
जिलाध्यक्षों के साथ पीसीसी पदाधिकारियों की भी घोषणा
बताया जाता है कि कांग्रेस जिलाध्यक्षों की पहली सूची में कुछ पीसीसी पदाधिकारियों की भी घोषणा हो सकती हैं, जिनमें प्रदेश तीन उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष, पांच महामंत्री और तीन प्रवक्ताओं के नाम भी शामिल हो सकते हैं।
जिलाध्यक्षों के लिए बड़े नेताओं ने लगाया था जोर
इधर अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनवाने के लिए प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने ऐड़ी-चोटी का जोर लगाया हुआ था।पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, कैबिनेट मंत्री रघु शर्मा, हरीश चौधरी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह ने अपने-अपने समर्थकों के लिए जबरदस्त लॉबिंग की थी। गौरतलब है कि बीते साल सियासी संकट के दौरान कांग्रेस आलाकमान ने जिलाध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी को भंग को कर दिया था।