
देश के 23 राज्यों में 256 फर्जी नंबरों से हजारों लोगों को जाल में फंसाने पर आमदा ठगों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। ठगों का बड़ी बैंकों से लेकर कंपनियों तक विशेष प्रकार का गठबंधन था, जिसका लोगों के मन में संदेह नहीं हो पाता था।
पुलिस कमिश्नरेट जयपुर की गिरफ्त में आए शेयर मार्केट के नाम से ठगी करने वाले इस गिरोह ने छह अलग-अलग नामों से फर्जी कंपनियां खोल रखी थीं। जालसाजों ने 6 माह में ही 23 बैंक खातों में 6 करोड़ रुपए जमा करवा लिए। इसके लिए देश में 23 राज्यों में 256 फर्जी नंबरों से करीब सालभर में 4879 लोगों को शिकार बनाने के लिए संपर्क किया।
राजस्थान में 414 बार फोन किए
आरोपितों ने राजस्थान का एेसा जिला नहीं छोड़ा, जहां उन्होंने ठगी के लिए संपर्क नहीं किया हो। राजस्थान में 414 कॉल की है। पुलिस ने आरोपितों के बैंक खातों को सीज कर दिया। पीडि़त से बैंक खाते में रुपए जमा करवाते ही चेक से रकम निकाल लेते थे। हालांकि आरोपितों से मिले बैंक खातों में 12.50 लाख रुपए ही थे, जबकि एक लाख रुपए भी उनसे बरामद किए हैं।
शेयर मार्केट के नाम पर खोल रखी थी फर्जी 6 कंपनी
जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार मास्टर माइंड मो. इकराम (42), मो. आमीर (38), शाहीद खान (27), मो. यामीन (28) और मेहराज आलम (28) दिल्ली निवासी हैं। आरोपितों से 37 मोबाइम मय सिम व 24 अतिरिक्त सिम, 5 लैपटॉप, 23 इंटरकॉम फोन व वॉकी-टॉकी, कई दस्तावेज व मोहर बरामद की है। आरोपितों को पकडऩे के लिए नोएडा में एसीपी पुष्पेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक मनोज कुमार सहित 20 पुलिसकर्मियों की टीम नोएडा भेजी गई थी।
इन बैंकों में जमा करवाए रुपए
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडीकेंट बैंक, इण्डियन ऑवरसीज बैंक, आईसीआईसीआई, एसबीबीजे, इंडसईंड बैंक, आईडीबीआई बैंक, आंध्रा बैंक, केनरा।
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ठगों ने 6 माह में 23 बैंक खातों में 6 करोड़ रुपए जमा करवाए
क्राइम ब्रांच टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से कॉल सेंटर पर दबिश दी, जहां पर जालसाजों के लिए शिकार तलाशने का काम कर रही 22 युवतियों को और 8 लोगों को पकड़ा। पकड़े गए लोगों में मास्टर माइंड, सरगना और उनके सहयोगी भी शामिल हैं।
23 राज्यों में 256 फर्जी नंबरों से 4879 लोगों को फोन किया
गौरतलब है कि गिरोह के संबंध में सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि 24 अप्रेल 2017 में कृषि विभाग से सेवानिवृत्त भगवान सहाय ने अशोक नगर थाने में मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2015 में उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने शेयर मार्केट में एक साल में ही कई गुना रकम का झांसा दिया और दो साल में रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज और फिर रिकवरी के नाम पर अलग-अलग किस्तों में 42 लाख से अधिक रुपए बैंक खातों में जमा करवा लिए और रकम भी नहीं दी।