जयपुर

आए दिन हो रही दुष्कर्म की घटनाएं और मंत्री अपराध कम होने के कर रहे दावे- पायलट

पायलट ने कहा कि जिले में दो दिन से लगातार घटनाएं हो रही हैं और राज्य के गृहमंत्री प्रेसवार्ता कर प्रदेश में महिला अपराध कम होने के दावे कर रहे हैं।
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Updated: 29 Nov 2017, 9:32 AM IST
sachin pilot

जयपुर। राज्य के मुखिया का गृह क्षेत्र झालावाड़ भी अब बच्चियों के लिए सुरक्षित नहीं बचा है। डग में दलित बच्ची को दुष्कर्म के बाद मौत के घाट उतार दिया गया। वहीं एक दिन पहले जिले के ही खानपुर के हरीगढ़ में एक नाबालिक के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। यह आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने लगाए हैं।

कांग्रेस की ओर से मंगलवार को जारी बयान में पायलट ने कहा कि जिले में दो दिन से लगातार घटनाएं हो रही हैं और राज्य के गृहमंत्री प्रेसवार्ता कर प्रदेश में महिला अपराध कम होने के दावे कर रहे हैं। आज प्रदेश में महिलाएं व बच्चियां पूरी तरह से असुरक्षित है और न घर, न सार्वजनिक स्थलों पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो पा रही है। डग की इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लूट, डकैती, दहेज हत्या के प्रकरणों में बेतहाशा वृद्धि हुई है और बलात्कार व अपहरण के आंकड़े भी सरकार की नाकामी की गवाही दे रहे हैं। फिर भी सरकार भ्रामक आंकड़े जारी करने से बाज नहीं आ रही।

पुलिस चौकस, हर अपराध में आई कमी : कटारिया
गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस की पीठ थपथपाते हुए कहा कि वर्तमान में सभी तरह के अपराध में कमी आई है। मंगलवार को सरकार के चार साल पूरे होने पर पुलिस मुख्यालय में पुलिस की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपराधियों का गिरफ्तारी प्रतिशत 60 प्रतिशत रहा, जबकि देश में यह 46 प्रतिशत था।

हालांकि विवादास्पद विषयों पर कटारिया कन्नी काटते नजर आए। समीक्षा के बाद गृह मंत्री से विधायक अशोक परनामी की अवैध निर्माण पर कोर्ट आदेश के खिलाफ की गई टिप्पणी के संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में परनामी ही बताएंगे। हालांकि उनके खिलाफ कार्रवाई की मंशा का सवाल पूछने पर उन्होंने चुप्पी साध ली।

चेतन मामले में अनुसंधान जारी
नाहरगढ़ की दीवार पर लटके मिले चेतन सैनी के शव के बारे में उनका कहना था कि पुलिस अपना काम कर रही है। और इस मामले में अनुसंधान किया जा रहा है। इसलिए अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

हत्या, अपहरण, डकैती में कमी
गृह मंत्री ने राजस्थान पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में हत्या, अपहरण, लूट-डकैती एवं दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों के साथ-साथ पिछले तीन साल से आईपीसी के तहत दर्ज सभी प्रकार के अपराधों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में वर्ष 2014 की अपेक्षा 5.86 प्रतिशत की कमी आई, जबकि वर्ष 2016 में वर्ष 2015 की अपेक्षा 8.93 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। राज्य में विशेष अधिनियमों के अपराधों में वर्ष 2015 में वर्ष 2014 की अपेक्षा 10.24 प्रतिशत अधिक कार्यवाही की गई जबकि वर्ष 2016 में वर्ष 2015 की अपेक्षा 10.38 प्रतिशत अधिक कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि निरोधात्मक कार्यवाही भी वर्ष 2015 में वर्ष 2014 की अपेक्षा 11.90 प्रतिशत अधिक थी, जबकि वर्ष 2016 में वर्ष 2015 की अपेक्षा 11.05 प्रतिशत अधिक कार्यवाही की गई।

महिला के प्रति अपराध भी कम होने का दावा
महिलाओं के प्रति अपराधों पर उन्होंने कहा कि 2015 में 2014 की अपेक्षा 9.55 प्रतिशत की कमी जबकि वर्ष 2016 में वर्ष 2015 की अपेक्षा 2.58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वर्ष 2003 के अंत में महिला अत्याचार 12,178 थे जो वर्ष 2008 के अंत में 15,174 हुआ तथा इस अवधि में कुल वृद्धि 24 प्रतिशत हुई। 2009 से 13 की अवधि में 29,150 हुई अर्थात इन 5 वर्षो के कार्यकाल में 92 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति के अपराधों में वर्ष 2015 में वर्ष 2014 की अपेक्षा 12.22 प्रतिशत की कमी, वर्ष 2016 में वर्ष 2015 की अपेक्षा 13.13 प्रतिशत की कमी आई तथा अनुसूचित जनजाति के अपराधों में वर्ष 2015 में वर्ष 2014 की अपेक्षा 16.18 प्रतिशत की कमी, वर्ष 2016 में वर्ष 2015 की अपेक्षा 15.12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

सरदार पटेल काउंटर टेरेरिज्म सेंटर की स्थापना
राज्य में जयपुर ग्लोबल सेंटर फॉर सिक्यूरिटी एंड काउंटर टेरेरिज्म एंड एन्टी इन्सर्जेन्सी की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार ने 275 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसमें केन्द्र सरकार की 165 करोड़ तथा राज्य सरकार की ओर से 110 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अभय कमांड व कंट्रोल सेंटर की शुरुआत हो गई है।

पुलिस विभाग हुआ हाईटेक
कटारिया ने कहा कि पुलिस विभाग के वेबपोर्टल पर शुरू किए गए ई- एफआईआर स्टेटस लिंक में 1 लाख 71 हजार 173 व्यक्तियों की ओर से दर्ज प्रकरणों के स्टेटस की ऑनलाइन जानकारी प्राप्त की गई एवं 1 लाख 89 हजार 248 प्रथम सूचना रिपोर्ट का इन्द्राज वेब पोर्टल पर किया जा चुका है।

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29 Nov 2017, 9:32 AM IST
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