
Bisalpur Dam : जयपुर शहर की लाइफ लाइन बन चुके बीसलपुर बांध में पानी की स्थिति सामने आने पर जलदाय विभाग में खलबली मची हुई है। जयपुर शहर की पेयजल व्यवस्था की कमान संभाल रहे अतिरिक्त मुख्य अभियंता अमिताभ शर्मा ने अधीक्षण अभियंता उत्तर और दक्षिण सर्कल, बीसलपुर प्रोजेक्ट अधीक्षण अभियंता, शहर के सभी आठ डिवीजन के अधिशासी अभियंताओं के साथ अगले तीन महीने शहर में मजबूत पेयजल प्रबंधन को लेकर बैठक ली। इस मंथन में शहर में पेयजल सप्लाई के लिए खुदे 3300 नलकूपों की भी सुध ली गई। शर्मा ने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि सात दिन में सभी नलकूप की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाए। शर्मा अब हर बुधवार पानी की समीक्षा करेंगे।
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1.50 करोड़ रुपए का भुगतान
जलदाय इंजीनियरों के अनुसार शहर में 3300 नलकूप हैं। इनमें से 600 से ज्यादा नलकूप खराब हैं। इसके बाद भी सभी डिवीजन में रख-रखाव के नाम पर फर्म को हर महीने करीब 1.50 करोड़ रुपए का भुगतान हो रहा है। सबसे ज्यादा खराब नलकूप विद्याधर नगर में हैं और रख-रखाव के नाम पर सबसे ज्यादा भुगतान भी वहीं हो रहा है। शर्मा ने बिजली के अंतिम बिल के हिसाब से रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
मुख्य सचिव ने मांगी रिपोर्ट
बीसलपुर बांध में पानी की कमी की स्थिति सामने आने पर मुख्य सचिव सुधांश पंत भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने जलदाय अधिकारियों ने बांध में पानी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आगामी तीन महीनों में शहर में पेयजल प्रबंधन को लेकर जलदाय इंजीनियरों से रिपोर्ट मांगी है। पंत ने जलदाय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपात स्थिति में पेयजल सप्लाई के लिए वैकल्पिक इंतजाम भी मजबूत किए जाएं।
कनिष्ठ और सहायक अभियंताओं को निर्देश
- दूषित, कब दबाव और बिल्कुल पानी नहीं आने वाले इलाके चिह्नित हों
- प्रतिदिन पेयजल व्यवस्था की रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को दी जाए
- क्रियाशील नलकूप जितना पानी दे रहा, उतने भार की ही मोटर लगाएं
- उपभोक्ताओं की मांग पर 12 घंटे में टैंकर उपलब्ध कराएं
शहर में खुदे कितने नलकूप क्रियाशील हैं और कितने बंद हैं, इसकी रिपोर्ट मांगी है।
कन्हैया लाल चौधरी, जलदाय मंत्री