दक्षिणायन सूर्य के साथ ही दिन की अवधि में कमी होना शुरू
जयपुर. 21 जून को सूर्य दक्षिणायन हुआ है और इसके साथ ही अब धीरे-धीरे दिन की अवधि कम होती जाएगी। रात की अवधि बढ़ती जाएगी। सूर्य की स्थिति बदलने के साथ ही दिन और रात की अवधि में भी फर्क आता है। 21 जून को वर्ष का सबसे बड़ा दिन था। इस दिन सूर्योदय सुबह 5.38 बजे और सूर्यास्त शाम 7.19 बजे हुआ। इससे दिन की अवधि 13 घंटे और 41 मिनट की रही। खगोलशास्त्र में इसे अयन परिवर्तन कहा जाता है।
ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करने पर दक्षिणायन होता है। इससे दिन की अवधि में फर्क पड़ जाता है। दिन की अवधि कम और रात की अवधि बढऩे लगती है। 22 दिसम्बर को १३.४२ मिनट की रात होगी।
जून को रहा सबसे बड़ा दिन
ज्योतिषि पं. केदारनाथ दाधीच ने बताया की दक्षिणायन सूर्य होने के साथ ही वर्षा ऋतु भी शुरू होती है। दक्षिणायन सूर्य होने के बाद दिन-रात की अवधि में फर्क हो जाता है।
जंतर-मंतर में होती सूर्य से गणना
पंडित दामोदर शास्त्री ने बताया कि 21 जून को सबसे बड़ा दिन था। जंतर मंतर में इसकी गणना सूर्य यंत्र से की जाती है। इसकी गणना सूर्य की छाया के अनुसार की जाती है। इस दिन का बड़ा होने के कारण सूर्य कर्क रेखा पर रहता है। कर्क रेखा अति प्रभाव वाले क्षेत्र में 21 जून उत्तर भारत में सबसे बड़ा दिन होता है। इस दिन से पहले सूर्य उत्तरायण होता है वही इस दिन के बाद से सूर्य दक्षिणायन हो जाता है।
ड्डशंकु यंत्र से मिलती है जानकारी
पंडित चंद्रशेखर शर्मा की मानें तो जंतर मंतर वेधशाला में लगे शंकु यंत्र से 21 जून को सबसे बड़ा दिन होने का अनुमान लगाया जाता है। 21 जून को सूर्य की किरणें तिरछी न होकर सीधी पड़ती है। इस कारण कुछ समय के लिए परछाई भी गायब हो जाती है। ये सब कुछ ही क्षणों के लिए ही होता है।