राजस्थान से राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार राजस्थान के संरक्षित स्मारकों के रखरखाव और संरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है।
राहुल सिंह
जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार राजस्थान के संरक्षित स्मारकों के रखरखाव और संरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। डांगी ने आज राज्यसभा में इस बारे में एक सवाल लगाया था। डांगी ने सवाल में सरकार से गत तीन साल में राजस्थान में संरक्षित स्मारकों की संख्या और उनके रखरखाव पर खर्च राशि के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही डांगी ने गत सालों में इन संरक्षित स्मारकों से प्राप्त् राजस्व के बारे में भी सरकार से पूछा।
इस सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री जय किशन रेड्डी ने बताया कि राजस्थान में कुल 163 केन्द्रीय रूप से संरक्षित स्मारक है। भारतीय पुरातत्व और सर्वेक्षण विभाग की ओर से गत तीन साल में इनके रखरखाव वपर 30 करोड़ 42 लाख रूपए खर्च हुए लेकिन इसमें ज्यादातर राशि तो विभाग के कर्मचारियों के वेतन भत्ते पर खर्च हुई है। जवाब में ये भी बताया गया कि इन स्मारकों से 19 करोड़ 42 लाख रुपए का राजस्व मिला है।
डांगी बोले, कार्ययोजना का अभाव— राज्यसभा सांसद डांगी ने कहा कि सरकार के इस जवाब से साफ झलकता हैं कि सरकार के पास राजस्व बढाने की कोई कार्ययोजना ही नहीं है। विभाग ने राजस्व के लिए अजमेर की बारादरी, भानगढ और आभानेरी बावडी में पर्यटकों के लिए टिकट लगाकर खानापूर्ति की है। डांगी ने एक अन्य सवाल में संस्कृति विभाग की ओर से भारतीय संस्कृति के प्रचार और प्रसार पर पांच वर्षो के दौरान गैर सरकारी संगठनों को जारी राशि के बारे में भी जानकारी मांगी लेकिन मंत्री ने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। डांगी ने ये भी पूछा था कि किन कार्यक्रमों के जरिए जागरूकता बढाई गई।