
जयपुर। राजस्थान भाजपा को नया प्रदेशाध्यक्ष मिलने में अभी समय लग सकता है। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर विवाद टालने के लिए पार्टी आलाकमान ने फिलहाल इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। प्रदेशाध्यक्ष को लेकर अब कोई निर्णय कर्नाटक चुनाव के बाद ही होता नजर आ रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार आलाकमान पे प्रदेश इकाई को अध्यक्ष के लिए एक ही नाम सुझाया था, उस नाम पर इकाई राजी नहीं होने के कारण विवाद खड़ा हो गया था। करीब दस दिन तक पार्टी आलाकमान की ओर से सुझाए गए नाम पर विवाद रहा। आखिरकार मुख्यमंत्री दिल्ली गईं और पार्टी नेताओं से बात करने के बाद इस मामले को टाल दिया गया। अब बताते हैं कि आलाकमान ने साफ कर दिया है कि उनका तो एक ही नाम है। प्रदेश इकाई को वह नाम पसंद नहीं आ रहा तो वह दूसरे नाम लेकर आएं।
ऐसा निर्देश देकर मामले को टाल दिया गया है। अब इस मामले में कर्नाटक चुनाव के बाद ही चर्चा के आसार हैं। जानकारों के मुताबित प्रदेश इकाई किसी ऐसे नेता को अध्यक्ष बनाना चाहती है, जो किसी बड़ी जाति का प्रतिनिधिात्व ना करता हो। प्रदेश के नेताओं का मानना है कि यदि किसी बड़ी जाति के नेता को अध्यक्ष बनाया जाता है तो इससे दूसरी बड़ी जातियों को खोने का डर है।
मंत्रिमंडल फेरबदल होगा या नहीं
प्रउेशाध्यक्ष विवाद नहीं सुलझने के कारण अब मंत्रिमंडल फेरबदल का मामला भी उलझ गया है। उपचुनावों में हार के बाद से ही यह माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष को लेकी निर्णय होते ही प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल होना था, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष का मामला दिन ब दिन आगे बढ़ता जा रहा है और चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक हल्कों में अब यह चर्चा भी चल पड़ी है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल होगा भी या नहीं।
ना दौड़, ना इच्छा जताई
गजेन्द्र सिंह शेखावत रविवार को विदेश दौरे से जोधपुर लौटे। इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय सोशल मीडिया पर उनके भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनाने जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। मैं न तो कभी इस दौड़ में था और न ही मैंने पार्टी के सामने एेसी इच्छा व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। कार्यकर्ता मिलकर तय करते हैं कि उनका नेतृत्व कौन करेगा। मैंने कभी किसी के सामने या किसी प्लेटफार्म पर इच्छा व्यक्त नहीं की है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे जोधपुर के 16 लाख मतदाताओं ने पद दिया। उनकी अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करूंगा।