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नकली घी का काला कारोबार बेनकाब: जयपुर में 35 हजार लीटर मिलावटी घी जब्त, फैक्टरी सीज

जयपुर सीएमएचओ प्रथम की टीम ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जैतपुरा में घी की पैकिंग करने वाली फैक्टरी को सीज कर दिया है। फैक्टरी में अलग-अलग ब्रांड के नाम से घी पैक किया जा रहा था।
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जयपुर

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Manish Chaturvedi

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Updated: 3 Nov 2026, 12:40 PM IST

NAKLI GHEE

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जयपुर। जयपुर सीएमएचओ प्रथम की टीम ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जैतपुरा में घी की पैकिंग करने वाली फैक्टरी को सीज कर दिया है। फैक्टरी में अलग-अलग ब्रांड के नाम से घी पैक किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 35 हजार लीटर घी का स्टॉक जब्त किया है। फैक्टरी में तैयार घी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।

जयपुर सीएमएचओ फर्स्ट डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि जैतपुरा में हिमालय डेयरी प्रोडक्ट्स के नाम से फैक्टरी संचालित हो रही है। यह घी निर्माण और पैकेजिंग की बड़ी यूनिट है। निरीक्षण के दौरान यहां राजस्थान सरस, डेयरी ब्रदर्स, श्री किरण सरस, माटुला, चॉइस डेयरी, रघु श्री और गणक सहित अलग-अलग ब्रांड के नाम से पैक किया हुआ घी मिला।

200 एमएल से 15 लीटर तक की पैकिंग

फैक्टरी में घी की पैकिंग अलग-अलग क्षमता के टेट्रा पैक और टिन में की जा रही थी। टीम को यहां 200 एमएल, 500 एमएल, 1 लीटर, 2 लीटर, 5 लीटर और 15 लीटर की पैकिंग मिली। इसके अलावा बड़े साइलो में भी पैकिंग के लिए घी रखा हुआ था। निरीक्षण के दौरान फैक्टरी में करीब 35 हजार लीटर घी का स्टॉक मिला। टीम ने पूरे स्टॉक को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि बड़ी मात्रा में घी एक साथ रखे होने के कारण इसकी गुणवत्ता और तैयार उत्पाद की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।

घी में इस्तेमाल होने वाला फ्लेवर भी मिला

फैक्टरी में निरीक्षण के दौरान घी का फ्लेवर भी मिला। टीम ने फैक्टरी में मौजूद तैयार घी और अन्य सामग्री के नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद घी की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल सामग्री की स्थिति सामने आएगी।

जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई

सीएमएचओ डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि प्रथम जांच में फैक्टरी में रखा घी संदिग्ध प्रतीत हुआ और उसमें मिलावट की आशंका लगी। इसी आधार पर पूरे स्टॉक को जब्त करते हुए फैक्टरी को सीज किया गया है। अब लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की जांच में यह भी देखा जाएगा कि अलग-अलग ब्रांड के नाम से पैक किए जा रहे घी की सप्लाई कहां और किस तरह की जा रही थी।