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ये क्या! ‘खर्चीली’ साबित हो रही ‘सस्ती’ सोलर बिजली? राजस्थान में स्मार्ट मीटर दे रहे महंगे बिल का झटका 

बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर तकनीकी खामियों के चलते अब परेशानी का कारण बन रहे है। जयपुर डिस्कॉम शहर में अब तक 5 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगा चुका हैं।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 3 Nov 2026, 12:15 PM IST

Rooftop Solar Smart Meter Problem

सोलर लगवाने के बाद भी आया भारी बिल। फोटो: एआई

जयपुर। बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर तकनीकी खामियों के चलते अब परेशानी का कारण बन रहे है। जयपुर डिस्कॉम शहर में अब तक 5 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगा चुका हैं। इसके बावजूद रीडिंग, बिलिंग और कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब डिस्कॉम प्रबंधन ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग से अधीक्षण अभियंता (स्मार्ट मीटर) का पद बनाया है।

सोलर लगवाने के लिए कई उपभोक्ता सिंगल फेस से थ्री फेस कनेक्शन कराने और लोड बढ़वाने के आवेदन कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में मीटर बदलना जरूरी होता है। इसके लिए स्मार्ट मीटर आपूर्ति करने वाली फर्म की ओर से टोकन जारी किया जाता है, लेकिन इसे मिलने में ही 15 दिन तक लग रहे हैं। इससे लोड एक्सटेंशन के आवेदन लंबित हो रहे हैं और उपभोक्ताओं को कनेक्शन संबंधी काम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

सोलर लगवाया, फिर भारी बिल

पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि जयपुर शहर में तेजी से रूफटॉप सोलर लग रहे हैं। डिस्कॉम अलग मीटर लगाने के बजाय स्मार्ट मीटर को ही नेट मीटर में कन्वर्ट कर रहा है। लेकिन कन्वर्जन के बाद कई मामलों में तीन से चार महीने तक बिजली की खपत और सोलर से ग्रिड में भेजी गई बिजली की रीडिंग दर्ज नहीं हो रही। कुछ महीने बाद एक साथ भारी भरकम बिल मिलने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ जाती है। बिल संबंधी विवाद के निस्तारण के लिए उन्हें सेटलमेंट कमेटी में अपना पक्ष रखने को कहा जाता है।

समाधान होने में लग जाते हैं कई दिन

उत्तर और दक्षिण सर्कल के सब डिवीजन इंजीनियरों के अनुसार, रोजाना औसतन 20 में से करीब 9 उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्याएं लेकर कार्यालय पहुंच रहे हैं। इनमें रीडिंग, बिलिंग और मीटर बदलने जैसी शिकायतें शामिल हैं। स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याएं उच्च स्तर पर भेजी जाती हैं। लेकिन इनके समाधान में कई दिन लग जाते हैं।

इनका कहना है

स्मार्ट मीटर की आपूर्ति, इंस्टालेशन और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए एसई स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। स्मार्ट मीटर और नेट मीटरिंग से जुड़ी समस्याओं के लिए डीआरई-पीएमटी पोर्टल के जरिए हर स्टेप पर मॉनिटरिंग कर जवाबदेही तय की जा रही है।
-विनय कुमार, जोनल मुख्य अभियंता, जयपुर डिस्कॉम।