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Adware, Keylogger और Cyber Grooming जैसे खतरों से सावधान, राजस्थान पुलिस ने जारी की साइबर डिक्शनरी

Digital युग में सुरक्षा के लिए इस साइबर Dictionary और इससे जुड़े खतरों को समझना बेहद जरूरी है। डिजिटल खतरों के बारे में जागरूक बनें और खुद को और अपने परिवार को इनसे सुरक्षित रखें। Cyber Fraud होता है तो बिना देर किए तुरंत Cyber Helpline नंबर 1930, WhatsApp नंबर: 9256001930, 9257510100 या http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

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Updated: 3 Nov 2026, 12:31 PM IST

AI generated image of Rajasthan Cyber Safety Awareness Poster.

AI generated image of Rajasthan Cyber Safety Awareness Poster.

राजस्थान पुलिस ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए आमजन को जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस ने “साइबर डिक्शनरी” जारी कर लोगों को Adware, Keylogger, Cyber Grooming समेत विभिन्न साइबर खतरों के बारे में आसान भाषा में समझाया है। पुलिस ने आगाह किया है कि इन खतरों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि खुद और परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।

साइबर डिक्शनरी: तकनीकी शब्दों को आसान भाषा में समझें

राजस्थान पुलिस की यह मुहिम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में है। पोस्टर के जरिए आम नागरिकों को बताया गया है कि इंटरनेट की दुनिया में इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम तकनीकी शब्दों को चुटकियों में समझा जा सकता है। साइबर डिक्शनरी में विभिन्न खतरों की परिभाषा दी गई है, जिससे लोग आसानी से पहचान सकें कि कौन सा खतरा किस रूप में उनके सामने आ सकता है।

मुख्य साइबर खतरे और उनके तरीके

पुलिस ने Deepfake, Phishing, Vishing, Smishing, Malware, Ransomware, Adware, Keylogger और Cyber Grooming जैसे प्रमुख खतरों के बारे में विस्तार बताया है। ये खतरे रोजमर्रा की डिजिटल गतिविधियों के दौरान किसी भी समय हो सकते हैं।

  • Adware: ऐसा प्रोग्राम जो आपके फोन या कम्प्यूटर पर बार-बार अनचाहे विज्ञापन और पॉप-अप्स भेजता है।
  • Ransomware: एक खतरनाक वायरस जो कम्प्यूटर और मोबाइल की सभी फाइलों को लॉक कर देता है। खोलने के बदले पैसों की मांग करता है।
  • Vishing: बैंक मैनेजर, पुलिस या कुरियर कर्मचारी बनकर फोन करते हैं और डर या लालच देकर ओटीपी या पासवर्ड पूछ लेते हैं।
  • Smishing: मोबाइल मैसेज या व्हाटसअप पर बिजली का कनेक्शन कट जाएगा या लॉटरी लग गई-जैसे लुभावने या डरावने संदेश भेजना।
  • Deepfake: AI की मदद से किसी व्यक्ति का चेहरा और आवाज कॉपी कर दुरुपयोग करना।
  • Phishing: फर्जी लिंक भेजकर बैंक डिटेल्स चुराना।
  • Keylogger: कीबोर्ड पर टाइप किए गए पासवर्ड और PIN चुराने वाला सॉफ्टवेयर।
  • Cyber Grooming: बच्चों को ऑनलाइन दोस्त बनाकर उनका शोषण करना।
  • Malware: एक नुकसानदेह प्रोग्राम जो अनजाने में फोन में घुसकर पर्सनल फोटो, विडियो और बैंक डिटेल्स बिना आपकी जानकारी के फ्रॉड्स तक पहुंचा देते हैं।

राजस्थान पुलिस की जागरूकता अपील

राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन खतरों से सतर्क रहें। डिजिटल सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएं। पोस्ट में साफ कहा गया है - “डिजिटल युग में सुरक्षा के लिए इस साइबर डिक्शनरी और इससे जुड़े खतरों को समझना बेहद जरूरी है।” पुलिस का मकसद है कि आमजन खुद को और अपने परिवार को इन डिजिटल जालों से बचा सकें।

साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत करें

यदि किसी के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो बिना समय गंवाए तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। राजस्थान पुलिस ने दिए हैं ये संपर्क:

  • Cyber Helpline: 1930
  • WhatsApp: 9256001930, 9257510100
  • ऑनलाइन: cybercrime.gov.in

बढ़ते साइबर अपराधों के दौर में जागरूकता मुहिम जरूरी

राजस्थान पुलिस का संदेश है - “आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता”। इस अभियान के जरिए पुलिस आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर पैदा करने का प्रयास कर रही है। बढ़ते साइबर अपराधों के दौर में ऐसी जागरूकता मुहिम बेहद जरूरी है। नागरिकों को चाहिए कि वे इस डिक्शनरी को शेयर करें और अपने आसपास के लोगों को भी इन खतरों के बारे में बताएं।