
दिया कुमारी से बहस करते शिखर अग्रवाल की पुरानी तस्वीर
विला खरीद प्रकरण में फंसे सीनियर आईएएस शिखर अग्रवाल इन दिनों मीडिया और सोशल मीडिया पर सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। इस विवाद के बीच अब एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शिखर अग्रवाल तत्कालीन भाजपा विधायक (और वर्तमान उपमुख्यमंत्री) दीया कुमारी से बहस करते दिख रहे हैं।
फैक्ट चेक से पता चलता है कि एक मिनट 7 सेकंड का ये वायरल वीडियो करीब 10 साल पहले का है, जब शिखर अग्रवाल जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त और दिया कुमारी भाजपा विधायक थीं। उस वक्त दोनों के बीच गरमा-गर्मी की वजह बनी थी पूर्व राजघराने की संपत्ति राजमहल पैलेस होटल।
समय: यह घटना 24 अगस्त 2016 की सुबह की है।
स्थान: जयपुर स्थित पूर्व राजपरिवार की संपत्ति राजमहल पैलेस होटल का मुख्य द्वार।
बता दें कि तत्कालीन जेडीसी शिखर अग्रवाल के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ दस्ता भारी पुलिस फ़ोर्स, अफसरों के लवाजमे और संसाधनों के साथ राजमहल पैलेस होटल पहुंचा था। प्रशासन को इस होटल परिसर के दायरे में आ रही करीब 12 बीघा जमीन पर कब्जा लेने के साथ ही मुख्य गेट को सील करना था।
जेडीए दस्ते की इस बड़ी कार्रवाई की खबर जैसे ही पूर्व राजपरिवार की सदस्य और भाजपा विधायक दिया कुमारी को मिली, वे फ़ौरन मौके पर पहुँच गईं। उन्होंने जेडीए की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस होती हुई। इसी बहस का वीडियो अब फिर से वायरल हो रहा है।
दिया कुमारी: तत्कालीन भाजपा विधायक दिया कुमारी ने मौके पर पहुंचते ही तत्कालीन जेडीसी शिखर अग्रवाल से कहा कि ये जमीन पूर्व राजपरिवार की है, न कि जेडीए की। उन्होंने इस जमीन को लेकर तमाम दस्तावेज़ होने के साथ ही अदालत की डिक्री होने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिसीवर नियुक्त किए जाने का दावा किया। उन्होंने जेडीए की कार्रवाई को पूरी तरह गैर-कानूनी बताया। इस वीडियो में दिया कुमारी ये कहते दिख रहे हैं कि 'आप जानबूझकर टारगेट कर रहे हैं।'
शिखर अग्रवाल : बहसबाज़ी के बीच शिखर अग्रवाल कोर्ट के आदेशों का हवाला देते दिख रहे हैं। वे पूर्व राजपरिवार सदस्यों के दावों को खारिज करते हैं और कहते हैं कि यदि दिया कुमारी या किसी पूर्व राजपरिवार सदस्य को कोई शिकायत या आपत्ति है, तो वे जेडीए कार्यालय में लिखित में दे सकते हैं। वो कहते हैं कि हर बात का जवाब मौके पर (फील्ड में) नहीं दिया जा सकता।
हाल ही में अक्टूबर 2026 में आईएएस शिखर अग्रवाल और उनकी आईपीएस पत्नी डॉ. प्रशाखा माथुर पर एक निजी कंपनी से बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत पर करीब 40 आलीशान विला और कॉटेज खरीदने और उन्हीं कंपनियों को लीज़ पर देने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। मामला सुर्ख़ियों में आने के बाद राजस्थान सरकार ने दोनों अधिकारियों को एपीओ (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) कर दिया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) इस मामले की प्रारंभिक जांच कर रही है।शिखर अग्रवाल के इसी विला विवाद के सुर्खियों में आने के बाद, लोगों ने उनके पुराने विवादों और तत्कालीन विधायक दीया कुमारी (जो अब राज्य की उपमुख्यमंत्री हैं) के साथ हुए इस पुराने ऐतिहासिक टकराव के वीडियो को सोशल मीडिया पर फिर से साझा करना शुरू कर दिया है।
Updated on:
3 Nov 2026, 2:13 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 2:11 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.