3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘7 दिन का अल्टीमेटम…फिर सस्पेंड!’ IAS शिखर अग्रवाल और IPS प्रशाखा माथुर पर कसा शिकंजा, जानिए बड़ी अपडेट

Rajasthan Bureaucracy | विला-कॉटेज खरीद विवाद में APO चल रहे ACS शिखर अग्रवाल और ADG प्रशाखा माथुर से कार्मिक विभाग ने मांगा 7 दिन में स्पष्टीकरण, ACB ने कई विभागों को जारी किए नोटिस।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Nakul Devarshi

•

Updated: 3 Nov 2026, 9:08 AM IST

ias shikhar agarwal and prashakha mathur

आईएएस शिखर अग्रवाल और आईपीएस प्रशाखा माथुर (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर. विला और कॉटेज खरीदने के मामले को लेकर एपीओ चल रहे अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. प्रशाखा माथुर पर शिकंजा कसता जा रहा है। कार्मिक विभाग ने विला-कॉटेज खरीद मामले में दोनों अधिकारियों से सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जहां इस मामले से जुड़े विभागों को नोटिस जारी कर शिखर-प्रशाखा व उनके परिजन की संपत्तियों का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। कार्मिक विभाग का कहना है कि दोनों अधिकारियों का 7 दिन में जवाब आने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। सेवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है।

ब्यूरो ने सोमवार को कार्यालय खुलते ही विला-कॉटेज खरीद, भू-रूपांतरण और अन्य गतिविधियों का रिकॉर्ड जुटाने के लिए विला-कॉटेज निर्माण से जुड़ी गोयल फैशन्स कंपनी के साथ ही वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, उद्योग विभाग, उदयपुर और अलवर के राजस्व अधिकारी तथा पंजीयन विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। उधर, उद्योग विभाग ने एसीबी की प्रारंभिक जांच पूरी होने तक राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) के अंतर्गत गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड को इसी वर्ष मार्च में स्वीकृत कस्टमाइज्ड पैकेज का लाभ देने पर रोक लगा दी।

एसीबी ने ब्यौरा जुटाने के लिए कई विभागों को नोटिस किए जारी

एसीबी सूत्रों के मुताबिक, उदयपुर कलक्टर, उदयपुर व अलवर के उप पंजीयक कार्यालयों के साथ ही अलवर जिले के प्रतापगढ़ स्थित उप पंजीयक कार्यालय के अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच एजेंसी पता लगाने में जुटी है कि संपत्तियां कब और कैसे खरीदी गईं तथा उनके रूपांतरण और पंजीयन में किन अधिकारियों की भूमिका रही।

गोयल फैशन्स कंपनी को स्वीकृत परिलाभ रोके

विला एवं कॉटेज खरीद मामले में उद्योग व वाणिज्य आयुक्त ने रिप्स के अंतर्गत गोयल फैशन्स कंपनी को स्वीकृत परिलाभ दिए जाने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को दिल्ली चले गए। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने इस मामले को लेकर अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। इसके बाद उद्योग-वाणिज्य विभाग की राज्य स्तरीय छानबीन समिति के निर्णय के आधार पर उद्योग आयुक्त ने रोक लगाने का आदेश जारी किया।

अलवर वाले 14 विला का रिटर्न में ब्यौरा नहीं

सूत्रों के मुताबिक, वार्षिक संपत्ति रिटर्न में अजबगढ़ वाले विला की जानकारी नहीं दी गई है। शिखर-प्रशाखा के नाम बुझड़ा व अजबगढ़ में कुल 28 विला-कॉटेज हैं, लेकिन आईपीआर में 14 ही दिखाए हैं। शिखर ने 14 विला-कॉटेज की जानकारी इसी साल 7 जनवरी को आईपीआर में दी, लेकिन प्रशाखा की ओर से 8 जनवरी 2026 को भरी गई आईपीआर में सूचना नहीं दी। दोनों का जवाब आने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई तय करेगा। सेवा नियमों के उल्लंघन में अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। निलंबन भी हो सकता है।