
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर-इंटेलिजेंस टीम ने राजस्थान के कोटा में एक बड़ा गुप्त ऑपरेशन चलाया। विदेश में बैठकर रंगदारी और हत्या का नेटवर्क चला रहे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कोटा स्थित एक गुप्त ठिकाने से गैंग के 4 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 2 इनामी शार्पशूटर रमन उर्फ फौजी (19) और करण (22) शामिल हैं, जबकि 2 सगे भाई शेखर तिवारी और विनोद तिवारी उन्हें राजस्थान में सेफ हाउस और मनी ट्रेल की सुविधा दे रहे थे। दिल्ली पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर ले लिया है, जिससे अब राजस्थान में पनप रहे नेटवर्क के खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के ये शूटर दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी रतन लोहिया की बेरहम हत्या और द्वारका मोड़ पर मोहित डागर पर फायरिंग कर हत्या करने के मामलों में मुख्य आरोपी थे। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देने और भारी इनाम घोषित होने के बाद दोनों शूटरों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के कोटा शहर को अपना सेफ हाउस चुना था। कोटा में छात्रों की भारी भीड़ और किराए के मकानों की आसानी से उपलब्धता का फायदा उठाकर ये आरोपी पुलिस की नजरों से बचकर रह रहे थे।
इस रेड में केवल गोलियां चलाने वाले शूटर ही नहीं, बल्कि गैंग का आर्थिक और लॉजिस्टिक्स ढांचा संभालने वाले 2 सगे भाई भी धरे गए हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा (गोवर्धन) निवासी शेखर तिवारी (23) और विनोद तिवारी (30) हिमांशु भाऊ गैंग के लिए 'मनी म्यूल' का काम कर रहे थे। ये दोनों भाई रंगदारी से वसूल किए गए पैसों को अलग-अलग बैंक खातों में रूट करते थे और राजस्थान जैसे शांत राज्यों में शूटरों के रहने, खाने और छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाने किराए पर मुहैया कराते थे।
रोहतक (हरियाणा) के रिठौली गांव का रहने वाला हिमांशु उर्फ हिमांशु भाऊ महज 17 साल की उम्र में अपराधों की दुनिया में उतरा था। बाल सुधार गृह से भागने के बाद फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश (दुबई, पुर्तगाल और अमेरिका) भाग चुके इस गैंगस्टर पर इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस और मकोका (MCOCA) लगा हुआ है।
बंबीहा गैंग और नीरज बवाना सिंडिकेट से हाथ मिलाकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का विरोधी बना भाऊ गैंग भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों को अपना निशाना बनाता है। राजौरी गार्डन के बर्गर किंग में 40 राउंड फायरिंग हो, नरेना के लक्जरी कार शोरूम पर 5 करोड़ की रंगदारी के लिए 20 राउंड गोलियां बरसाना हो या आया नगर में 70 गोलियां दागना—दहशत फैलाकर रंगदारी मांगना ही इस गैंग की मुख्य पहचान है।
कोटा से हिमांशु भाऊ के शार्पशूटरों की गिरफ्तारी ने राजस्थान में बाहरी राज्यों के गैंगस्टरों द्वारा बनाए जा रहे सेफ हाउस को लेकर स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
स्पेशल सेल की रिमांड अवधि के दौरान यह पड़ताल की जा रही है कि कोटा या राजस्थान के अन्य शहरों में इस सिंडिकेट को स्थानीय स्तर पर किन-किन लोगों ने मदद पहुंचाई या किराए पर कमरा दिलाने में सहयोग किया था।