राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग तेज हो गई है। छात्रों ने गेट का ताला तोड़ प्रदर्शन किया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां छात्रसंघ चुनाव को संवैधानिक अधिकार बताया गया है।
जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को छात्र नेता देव पलसानिया के नेतृत्व में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान नाराज छात्रों ने छात्रसंघ कार्यालय के एक गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसकर विरोध दर्ज कराया। पलसानिया ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव फिर से शुरू नहीं किए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पिछले तीन साल से राजस्थान विश्वविद्यालय में बना छात्रसंघ कार्यालय आम छात्रों के लिए बंद पड़ा है, जबकि इस कार्यालय से उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए था। यही कारण है कि प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर ताला तोड़ा गया है। छात्रों ने साफ कहा कि अगर सरकार ने जल्द आदेश जारी नहीं किए, तो प्रदेशभर में आंदोलन का स्वरूप और तेज होगा।
वहीं, डीन छात्र कल्याण प्रो. रामअवतार शर्मा ने बताया कि कार्यालय के एक गेट का ताला तोड़ा गया था। छात्रों को हिदायत देकर वापस भेज दिया गया। गौरतलब है कि पिछले एक महीने से राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक छात्र को अपना प्रतिनिधि चुनने का संवैधानिक अधिकार है। एमए समाजशास्त्र प्रथम वर्ष के एक छात्र की ओर से यह याचिका दायर की गई है।
याचिका में कहा गया है कि छात्र अपने प्रतिनिधि के माध्यम से ही समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केरल विश्वविद्यालय के मामले में छात्रसंघ चुनाव में मतदान को छात्रों का मूलभूत अधिकार माना है। लिंगदोह कमेटी ने भी हर साल छात्रसंघ चुनाव कराने को कहा है।