जयपुर

कड़ाके की सर्दी में तीसरे दिन भी नहीं उतरी छात्राएं

व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि आगे खिसकाने की मांग, छात्राओं ने कहा तेज होगा आंदोलन, 30 दिसम्बर को दोपहर में टंकी पर चढ़ी थी छात्राएं
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Jan 01, 2020
Leakage in district hospital tank, water wastage and fear of collapse
Leakage in district hospital tank, water wastage and fear of collapse

जयपुर। तीन से 13 जनवरी तक आयोजित होने जा रही स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि आगे बढ़वाने का मामले को लेकर टंकी पर चढ़ी छात्राओं ने आर पार की लड़ाई की घोषणा कर दी। आज तीसरे दिन भी कड़ाके की सर्दी और तेज हवा के बीच छात्राएं टंकी पर चढ़ी रहीं। मंगलवार शाम को तो सब्र का बांध टूट गया। छात्राओं ने अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया था। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में 30 दिसम्बर को दो छात्राएं करीब 2.30 बजे राजस्थान विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टल के पास बनी पानी की टंकी पर चढ़ गईं और परीक्षा तिथि आगे बढ़वाने की मांग करने लगीं। छात्राओं के हाथ में पेट्रोल की बोतल थी। छात्राओं का साथ देने के लिए टंकी के आस—पास अन्य छात्र—छात्राओं ने अपने बिस्तर लगा लिए और आज तीसरे दिन भी छात्राएं टंकी पर चढ़ी हुई हैं।

ये है मामला

स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि आगे बढ़वाने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर 30 नवम्बर से विद्यार्थियों का प्रदर्शन राजस्थान विश्वविद्यालय से शुरू हुआ था। फिर अभ्यर्थियों ने डॉ.किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में सिविल लाइन कूच किया। फिर पुलिस कमिश्नरेट के सामने शहीद स्मारक पर धरना चला। इसके बाद पांच छात्राएं जगतपुरा में पानी की टंकी पर चढ़ गई थीं। हालांकि 32 घंटे के बाद वे नीचे उतर आईं थीं। सरकार ने मामले में बैठक कर परीक्षा तय समय पर ही कराने की बात कही, साथ ही अगस्त 2020 में रीट और तीन हजार पदों पर सितंबर में नई भर्तियों की भी घोषणा की। इसके बाद मामले में कई मोड़ आए। कुछ दिनों तक मामला शांत रहने के बाद सोमवार को फिर से गर्मा गया।

ये भी है मांग
महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि कड़ाके की सर्दी में उनके परीक्षा केन्द्र 300 से 400 किलोमीटर दूर दिए गए हैं। कईयों की तो परीक्षा दो दिन है ऐसे में वे सर्दी में परीक्षा देने कैसे जाएं। उनका कहना है कि यह परीक्षा उन्हें आर्थिक भार भी दे रही है।

Published on:
01 Jan 2020 08:27 am