डॉक्टर बोले - प्लेटलेट्स कम नहीं होना, तेज बुखार नहीं हो रहा, कमजोर लक्षणों से हो रही शुरुआत... जयपुर| प्रदेश में डेंगू की काफी मार देखने को मिल रही है। इस सीजन में अभी तक डेंगू के हजारों मामले सामने आ चुके हैं और इससे कई मौतें भी हुई हैं। वहीं इस बार डेंगू कुछ अलग रूप में सामने आया है। डेंगू के सामान्य लक्षणों से अलग, इस बार लक्षण काफी कमजोर से और फिर अचानक बेहद गंभीर दिख
जयपुर| प्रदेश में डेंगू की काफी मार देखने को मिल रही है। इस सीजन में अभी तक डेंगू के हजारों मामले सामने आ चुके हैं और इससे कई मौतें भी हुई हैं। वहीं इस बार डेंगू कुछ अलग रूप में सामने आया है। डेंगू के सामान्य लक्षणों से अलग, इस बार लक्षण काफी कमजोर से और फिर अचानक बेहद गंभीर दिख रहे हैं, जिससे मरीजों के लिए तकलीफ बढ़ गई है। अलग तरह के लक्षणों के कारण इसकी पहचान भी देरी से हो रही है, जो मरीज के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो रही है। एचसीजी हॉस्पिटल के सीनियर फिजीशियन और क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. पंकज आनंद ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि इस सीजन में डेंगू के लक्षण बदल रहे हैं। कई केसों में डेंगू में होने वाला बुखार काफी कम हो गया है। इसमें सामान्य रूप से होने वाले 103-104 डिग्री के बुखार से काफी अलग है। वहीं मरीज को उल्टी, भूख कम लगना, ज्यादा कमजोरी होना और उम्मीद के मुताबिक प्लेटलेट्स कम नहीं होने जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं।
टेस्ट में पॉजिटिव भी नहीं आ रहा डेंगू
डॉ. पंकज आनंद ने बताया कि जब डॉक्टर डेंगू की जांच करा रहे हैं तो वह टेस्ट पॉजिटिव नहीं आ रहा है। इस कारण मरीज को क्या उपचार दिया जाए, यह तय नहीं हो पा रहा। बुजुर्गों की अपेक्षा जवान लोगों में (20-30 वर्ष) गंभीर डेंगू के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं।
वायरस में बदलाव है कारण
डॉ. पंकज आनंद ने बताया कि कुछ समय में डेंगू के वायरस में कुछ बदलाव आए हैं, जिसके कारण यह बदलाव सामने आ रहे हैं। वायरस में आए बदलाव के कारण इसकी पहचान करना भी काफी मुश्किल है। इसीलिए यह आवश्यक है कि अचानक चक्कर आने, हाथ-पैरों में सूजन, हल्का बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क कर यह सुनिश्चित कर लें कि यह डेंगू तो नहीं। एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें और खूब पानी पीएं।