Bhagwat Brahmachari: भागवत ब्रह्मचारी के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं। वे अपने प्रवचनों में भगवान कृष्ण की भक्ति और सनातन धर्म के प्रचार पर जोर देते हैं।
राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर श्रीमद्भगवद्गीता के बाल प्रणेता भागवत ब्रह्मचारी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मात्र 5 वर्ष की आयु में आध्यात्मिक चेतना के वाहक बने ब्रह्मचारी ने मधुर स्वर में गीता के अनेक श्लोक सुनाए। इसके साथ ही अर्जुन व भगवान श्रीकृष्ण के मध्य हुए संवादों के माध्यम से गीता के गूढ़ तत्वों की व्याख्या की।
दिया कुमारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने कर्तव्य, भक्ति, ज्ञान और आत्मा की अमरता जैसे शाश्वत सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए सनातन संस्कृति के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। ऐसे दिव्य बालक का सान्निध्य एवं संवाद अत्यंत प्रेरणादायी रहा। धन्य हैं वे संस्कार, जहां इतनी अल्पायु में गीता का दिव्य प्रकाश प्रकट होता है।
इस मुलाकात के दौरान भागवत ब्रह्मचारी ने उप मुख्यमंत्री से कहा कि मैं आपके लिए गिफ्ट लेकर आया हूं। श्रीमद्भगवद्गीता… इसे पढ़ना आप। इस पर दिया कुमारी ने सवाल किया कि इसे पढ़ने से क्या होगा। इसके जवाब में भागवत ब्रह्मचारी ने कहा कि आपकी सारी चिताएं दूर हो जाएंगी। इसके बाद उन्होंने दिया कुमारी को महाभारत का एक प्रसंग भी सुनाया।
आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बाल प्रणेता भागवत ब्रह्मचारी, भागवत एसी भक्तिवेदांत स्वामी ठाकुर श्रील प्रभुपाद और डॉ. वृंदावन चंद्र दास (गौरांग इंस्टीट्यूट फॉर वैदिक एजुकेशन-GIVE के संस्थापक) के शिष्य हैं। इन्हें भक्त भागवत या भागवत प्रभु के नाम से भी जाना जाता है।
यह अपनी कम उम्र में ही श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों को धाराप्रवाह सुनाने और आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके माता-पिता उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के आध्यात्मिक नेताओं में से एक मानते हैं। भागवत ब्रह्मचारी के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं। वे अपने प्रवचनों में भगवान कृष्ण की भक्ति और सनातन धर्म के प्रचार पर जोर देते हैं। वे भारत के सबसे कम उम्र के TEDx वक्ता भी हैं और कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। वे केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में आध्यात्मिक प्रवचन दे चुके हैं।
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वह आज के समय के सबसे प्रभावशाली बाल आध्यात्मिक व्यक्तित्वों में से एक बन गए हैं। उनके पिता का नाम अकाम भक्ति दास (पूर्व में आदित्य शर्मा) और माता का नाम पूज्या साची देवी है। उनके छोटे भाई का नाम हरिअंश दास है और उनके दादा ओमकार हरि दास और दादी परम मोहिनी राधा दासी भी GIVE संस्था से जुड़े हुए हैं।