
राजस्थान में अब कोटा में बवाल शुरु हो गया है। करौली और दौसा का बवाल पूरी तरह से निपटा भी नहीं की अब कोटा जलने लगा है। कोटा में रास्ते जाम करना शुरु कर दिया गया है । सड़कों पर टायर जला दिए गए हैं और लकड़ी के बड़े लट्ठों को सड़कों पर फेंकना शुरु कर दिया गया है। पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है हांलाकि पुलिस के बड़े अफसरों का इस मामले में अभी तक कोई बयान नहीं आया है। इस बीच लोगों की भीड़ अस्पताल में भी जुटना शुरू हो गई है और परिजनों ने अपनी कुछ मांगों के चलते शव लेने से इंकार कर दिया है।
पुलिस को शक, गैंगवार के चलते हुई देवा की हत्या
दरअसल कोटा के नामी बदमाश और सोशल मीडिया की सनसनी बने हुए हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर की सोमवार शाम कोटा से सटे चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा क्षेत्र मंे हत्या कर दी गई थी। सैलून पर बेैठे देवा और उसके साथियों पर कुछ कारों से आए पंद्रह से बीस बदमाशों ने हमला कर दिया था। सरियों, लाठियों और अन्य हथियारों से देवा को जब तक पीटा गया तब तक वह अचेत नहीं हो गया। बाद में उसे अस्पताल लेकर पुलिस पहुंची तो पता चला कि दस मिनट के इलाज के बाद ही उसकी मौत हो गई। सोशल मीडिया की सनसनी बने देवा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर धडाधड़ पोस्ट शुरु हो गई हैं। कोटा पहुंचने के मैसेज वायरल और फॉरवर्ड हो रहे हैं।
शव मोर्चरी में, परिजनों की मांग पहले हत्यारों को करेे पुलिस गिरफ्तार
देवा की हत्या के बाद अब परिजनों ने शव उठाने से इंकार कर दिया है। शव कोटा जिले के राजकीय अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ है। शव को उठाने से परिजनों ने यह कहते हुए इंकार कर दिया है कि जब तक पुलिस सभी हत्यारों को गिरफ्तार नहीं करेगी शव नहीं उठाया जाएगा। उधर परिजनों के इस फैसले से अब पुलिस महकमे में खलबची मच गई है। दरअसल देवा गुर्जर, गुर्जर समाज में भी अच्छी पैंठ रखता था और अब समाज से जुड़े युवा और उसके अन्य परिचित अस्पताल मे जमा होने लगे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही देवा गुर्जर को कोटा में दस लाख रुपए की रंगदारी देने की धमकी मिली थी। ऐसा नहीं करने पर अंजाम भुगतने के बारे में भी कहा गया था।