राजस्थान विधानसभा से कांग्रेस के 6 विधायकों के निलंबन पर शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार किया है।
राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने इंदिरा गांधी पर टिप्पणी कर दी। जिसके बाद इस मामले पर बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने पलटवार किया है। दिलावर ने कहा कि जो जैसा कर्म करेगा वैसा ही भरेगा। किसी विधायक की जाति या धर्म देखकर निलंबन नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक विधायकों को बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया ताकि बजट पर चर्चा न हो सके।
अशोक गहलोत के इस बयान पर पलटवार करते हुए शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने कहा कि स्पीकर वासुदेव देवनानी ने किसी विधायक की जाति या धर्म देखकर निलंबन नहीं किया। बल्कि उनके आचरण के आधार पर निलंबन किया है। दिलावर ने कहा कि जो जैसा कर्म करेगा वैसा ही भरेगा, अल्पसंख्यक हो या बहुसंख्यक। कांग्रेस विधायकों का आचरण जिस तरह का था, स्पीकर ने वैसा ही निर्णय लिया।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने आज विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 'कांग्रेस ने अपनी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजना का नाम रखा'। कांग्रेस के विधायकों ने इसे मुद्दा बना लिया और मंत्री से माफी की मांग की। सत्ता पक्ष ने आसन की ओर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के 6 विधायकों को निलंबित कर दिया। जिसके बाद विपक्ष सदन में धरने पर बैठा है।