जयपुर

लीड के साथ : परिसीमन बैठक के बहिष्कार पर डीएमके की सफाई

Aug 09, 2026
Rajasthan

चेन्नई. डीएमके की उप महासचिव कनिमोझी करुणानिधि ने शनिवार को कहा कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से परिसीमन विधेयक पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, तब तक चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने टीवीके सरकार द्वारा सांसदों की परामर्श बैठक बुलाने के फैसले पर पूछा कि क्या मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मेकेडाटू बांध के खिलाफ विधानसभा प्रस्ताव को जल शक्ति मंत्री को सौंपने के लिए राज्य प्रतिनिधियों को तमिलनाडु के सांसदों के साथ भेजने को तैयार हैं।
कनिमोझी ने कहा कि पूर्ववर्ती डीएमके सरकार की सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, सीपीआइ, सीपीएम, आइयूएमएल और वीसीके समेत कई दलों ने परिसीमन का विरोध किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये दल सिर्फ बैठक में शामिल होकर अपना रुख बदल देंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई, जबकि सभी दलों ने इसकी मांग की थी। इसके बजाय परिसीमन पर बैठक बुलाकर सरकार किसानों के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। डीएमके ने स्पष्ट किया कि वह तमिलनाडु के अधिकारों और संसद में प्रतिनिधित्व घटाने वाले किसी भी परिसीमन प्रयास का विरोध जारी रखेगी।

Updated on:
09 Aug 2026 06:01 am
Published on:
09 Aug 2026 06:01 am