9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan UCC: राजस्थान में तय होगी शादी की न्यूनतम आयु, एक से ज्यादा विवाह और लिव-इन को लेकर रहेंगे कड़े नियम

Rajasthan UCC News: राजस्थान में समान नागरिक संहिता समिति ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विधेयक का प्रारूप सौंप दिया है। करीब 14 लाख सुझावों के अध्ययन के बाद तैयार इस ड्राफ्ट में आदिवासियों को छोड़कर सभी धर्मों के लिए शादी की न्यूनतम आयु तय करने, बहुविवाह पर रोक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण से जुड़े कड़े प्रावधान प्रस्तावित हैं।
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Aug 09, 2026

rajasthan ucc cm bhajanlal sharma

CM Bhajanlal Sharma (Patrika Photo)

Rajasthan UCC Draft News: जयपुर: समान सिविल संहिता (यूसीसी) प्रारूप समिति ने शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विधेयक का प्रारूप सौंप दिया। समिति ने करीब 14 लाख सुझावों पर विचार कर यह प्रारूप तैयार किया। बताया जा रहा है कि इस विधेयक में आदिवासियों को छोड़ सभी धर्मों और जातियों के लिए शादी की न्यूनतम आयु तय होगी। प्रदेश में बहुविवाह पर भी रोक लगेगी। लिव-इन में रहने वाले भी इसके दायरे में आएंगे।

समिति के सदस्य बसंत सिंह छाबा, रामस्वरूप अग्रवाल, डॉ. शुचि चौहान व अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत शनिवार शाम सीएम आवास पहुंचे। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विधि मंत्री जोगाराम पटेल की मौजूदगी में अपनी प्रमुख सिफारिशों और प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी। समिति अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना पी देसाई व गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहे।

सूत्रों के अनुसार, समिति को वेबपोर्टल के माध्यम से 1.48 लाख से अधिक सुझाव मिले। वहीं, व्हाट्सएप के जरिए 12.34 लाख से अधिक सुझाव आए। इसके अलावा संभाग मुख्यालयों पर भी समिति के सदस्यों ने विभिन्न वर्ग के सदस्यों से चर्चा की और उनसे सुझाव प्राप्त किए।

इन राज्यों के कानूनी प्रावधानों का किया अध्ययन

उत्तराखंड में यूसीसी लागू है, जबकि गुजरात में विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है, लेकिन अभी कानून का रूप नहीं ले सका है। सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के विधेयक के लिए समिति ने उत्तराखंड व गुजरात राज्यों के कानूनी प्रावधानों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का अध्ययन किया। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि संवैधानिक कारणों से आदिवासियों को इस विधेयक के दायरे से बाहर रखा गया है।

क्या है UCC कानून?

UCC यानी Uniform Civil Code ऐसा कानून/कानूनी व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान नियम लागू करना है।

  • एक समान विवाह नियम: धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नियम।
  • तलाक के समान प्रावधान: सभी समुदायों के लिए एक जैसी कानूनी प्रक्रिया।
  • उत्तराधिकार और संपत्ति: महिला और पुरुष के अधिकारों में समानता का प्रावधान।
  • विवाह पंजीकरण: विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य किया जा सकता है।
  • बहुविवाह: UCC में इसे प्रतिबंधित करने का प्रावधान हो सकता है।
  • लिव-इन रिलेशनशिप: संबंधित कानून में पंजीकरण और अन्य नियम बनाए जा सकते हैं।

UCC का मतलब यह नहीं है कि सभी धर्मों के धार्मिक रीति-रिवाज खत्म हो जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत नागरिक कानूनों के उन हिस्सों में समान कानूनी नियम बनाना है, जो नागरिक अधिकारों और पारिवारिक मामलों से जुड़े हैं।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग