
Rajasthan Diggi Safety Rules (Patrika Photo)
Rajasthan Diggi Safety Rules: जयपुर: राजस्थान के अलग-अलग जिलों में खेतों में बनी डिग्गियों में डूबने से लगातार हो रही मौतों के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाया है। अब किसी भी नई डिग्गी, फार्म पॉण्ड (खेत तालाब) या अन्य जल संग्रहण संरचना को तब तक पूरा नहीं माना जाएगा, जब तक उसमें सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते। पहले से बनी सभी डिग्गियों को भी दो महीने के भीतर सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, जबकि सुरक्षा इंतजाम नहीं करने वाले लाभार्थियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
सरकार ने साफ कर दिया है कि नई डिग्गियों और जल संग्रहण संरचनाओं में यदि सुरक्षा प्रावधान पूरे नहीं किए गए तो किसी भी सरकारी योजना के तहत अनुदान या वित्तीय सहायता भी जारी नहीं होगी। आदेश की पालना के लिए विभागीय अधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और हर 15 दिन पर में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिला स्तर पर सुरक्षा उपायों की जियो-टैग युक्त तस्वीरें राज किसान साथी पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है। लापरवाही करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, जिन लाभार्थियों ने समय पर सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए होंगे, उन्हें सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) के माध्यम से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
डिग्गियों में लगातार हो रहे हादसों को लेकर 27 जुलाई को राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से मुद्दा उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई थी। अब कृषि आयुक्तालय ने जारी आदेश में इन सभी सुरक्षा प्रावधानों को प्रदेशभर की नई और पुरानी डिग्गियों, फार्म पॉण्ड और अन्य जल संग्रहण संरचनाओं पर लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बीकानेर : लापरवाही ने छीनीं 7 जानें
30 जून : जालबसर में खेत की डिग्गी में गिरने से मां-बेटी की मौत।
13 जून : धीरदेसर चोटियान की रोही में डिग्गी में डूबने से एक बुजुर्ग की मौत।
11 मई : लालासर की रोही में 13 वर्षीय बालिका की डूबने से मौत।
14 अप्रैल : कल्याणसर पुराना की रोही में खेत की डिग्गी में डूबने से एक युवक की मौत।
7 फरवरी : ठुकरियासर की रोही में खेत की डिग्गी में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की मौत।
9 अप्रैल: रायसिंहनगर के निकट ठंडी गांव में खेलते समय डिग्गी में डूबने से मासूम देवांशु व राघव की मौत।
12 अप्रैल: संगतपुरा वाटर वर्क्स में सफाई के दौरान रिछपाल सिंह (35) की डिग्गी में गिरने से मौत।
14 अप्रैल: रायसिंहनगर क्षेत्र के 11 टी के गांव में पैर फिसलने से एक किसान की डिग्गी में डूबकर मौत।
2 मई: श्रीविजयनगर के 33 जीबी में ईंट भट्ठा श्रमिक हरिशंकर की डिग्गी में डूबने से मौत।
21 मई: सादुलशहर के चक धौला में नहाते समय 14 वर्षीय चंद्रमोहन की डूबने से मौत।
11 जुलाई: घमूड़वाली थाना क्षेत्र के 54 एलएनपी में मीनाक्षी (41) ने डिग्गी में कूदकर आत्महत्या की।
21 जुलाई: रायसिंहनगर क्षेत्र के 45 एनपी गांव में गुरजीत सिंह और उसके छोटे भाई राजदीप सिंह की खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से मौत।
मई 2026 में टिब्बी के सालीवाला गांव में डिग्गी में गिरने से रविंद्र (22) और शाहरुख की मौत हो गई। फरवरी 2026 में रासूवाला के एक खेत में डिग्गी में गिरने से गुरदीप और उसे बचाने के प्रयास में उसके दो बेटों लखविंदर और राजविंदर की मौत हो गई।
27 अप्रैल को मेड़ता के हरसोलाव में फार्म पौंड का तिरपाल ठीक करते समय पैर फिसलने से मनीष व उसे बचाने के प्रयास में रविन्द्र व यशपाल की मौत हो गई।
अलग-अलग जिलों में डिग्गियों में डूबने से लगातार हो रही मौतों को लेकर राज्य सरकार संवेदनशील है। राज्यभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पर जोर है, ताकि ऐसे हादसे नहीं हो। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा मानकों की पालना कराएंगे।
-नरेश कुमार गोयल, कृषि आयुक्त
Updated on:
09 Aug 2026 08:54 am
Published on:
09 Aug 2026 08:54 am
