
Government Schemes Benefits 'Not Confused' : फर्जी खाते खुलवाकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साथ ही खातों को फ्रीज करते हुए 2 करोड़ 72 लाख 96 हजार 622 रुपए की राशि को होल्ड करवाया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए वृत्ताधिकारी मनीषकुमार बडगुर्जर के निर्देशन में स्पेशल टीम गठित की गई है। मामले का मुख्य आरोपी मध्यप्रदेश के रतलाम निवासी मरकांक मिश्रा दुबई भाग गया है। पुलिस उसे भारत लाने का प्रयास करेगी। पुलिस के अनुसार फर्जी खातों से जुटाई गई राशि आईपीएल सट्टा व अन्य संदिग्ध कामों में लगाई गई। ऐसे में प्रदेश में आईपीएल सट्टे से जुड़े पैसों की लेनदेन का यह अब तक का सबसे बड़ा मामला बताया जा रहा है। इसमें राजस्थान सहित अन्य राज्यों के आरोपी शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि एक पखवाड़े पहले जिला साइबर सैल को एक परिवादी ने रिपोर्ट पेश की थी। इसमें बताया था कि सरकारी योजना के तहत पैसों का लालच देकर उसके व अन्य लोगों के नाम से बैंक में खाते खुलवाए गए। उन्हें बताया गया कि इन खातों में सरकारी योजना के तहत पैसे डलवाए जाएंगे। उनके नाम से सिम कार्ड भी जारी करवाए गए। कुछ दिन बाद परिवार का जिस बैंक में खाता खुला था, वहां के कर्मचारी ने उसे बताया कि आपके खातों में ज्यादा ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक से खातों की डिटेल ली और खातों को संदिग्ध मानते हुए फ्रीज करवा दिया। 80 से ज्यादा खातों का अब तक पता लगाया जा चुका है। इन खातों का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि यह रकम आईपीएल सट्हा व अन्य संदिग्ध कार्यों से जमा गई है। पुलिस ने फर्जी खाते खुलवाने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें संजय निवासी रठांजना, शुभम निवासी भाटपुरा, रुद्राक्ष त्रिवेदी निवासी प्रतापगढ़ और अमन सोनी निवासी रतलाम मध्यप्रदेश शामिल हैं। इनसे 20 से ज्यादा डेबिट, क्रेडिट कार्ड जब्त किए गए हैं। इसकी सूचना ईडी को भी दी गई है।