
जयपुर.एसीबी ने एनओसी घूसकांड में जो मामले पकड़े हैं, उनमें चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ है। नेपाल, बांग्लादेश, कंबोडिया जैसे देशों से आने वाले अधिकतर मरीज और डोनर के बीच न ब्लड रिलेशन है न ही वे आपस में कोई रिश्तेदार हैं। इन मामलों में डोनर की खरीद की गई थी। घूसखोरी का आरोपी गौरव सिंह ऐसे मामलों में ही मोटी रकम वसूल करता था। कानून के मुताबिक रिश्तेदारों के अतिरिक्त किडनी व अन्य अंग दान पर रोक है। विशेष मामलों में कमेटी ही सुनिश्चित करती है कि डोनर की खरीद फरोख्त नहीं की गई है।
इस तथ्य के बाद ही एसीबी ने एक रिपोर्ट पुलिस को भेजी थी, जिसके बाद एसीपी मालवीय नगर को गुरुग्राम भेजा गया था। यहां स्थानीय पुलिस ने किडनी रैकेट पकड़ा था। एसीपी मालवीय नगर वहां से तथ्य जुटाकर आए हैं, जिनकी रिपोर्ट पर रविवार को एफआईआर दर्ज की जाएगी।यह एफआईआर मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (थोटा)- 1994 के तहत दर्ज की जाएगी। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सीय प्रयोजनों के लिये मानव अंगों के निष्कासन, भंडारण और प्रत्यारोपण को विनियमित करना है। साथ ही यह मानव अंगों के वाणिज्यिक प्रयोग को भी प्रतिबंधित करता है। इस अधिनियम में किसी गैर-संबंधी के अंग प्रत्यारोपण को गैर-कानूनी घोषित किया गया था।
कमेटी के साथ फोर्टिस, ईचसीसी व अन्य अस्पतालों की भूमिका की होगी पड़ताल
राजस्थान एसीबी की कार्रवाई के साथ ही गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि देश में किडनी रैकेट बड़े स्तर पर चल रहा है। गुरुग्राम पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि अंगों की खरीद फरोख्त के बाद जयपुर में मरीजों का ऑपरेशन कर अंग लगाए जाते थे। दलाल ही अंग बेचने व अंग लगाने वालों की पूरी व्यवस्था करते थे। गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक गेस्ट हाउस पर छापा मारा था, जिसमें यह खुलासा हुआ था। इसमें सामने आया था कि दलाल किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए जयपुर के फोर्टिस हॉस्पिटल में डोनर भेजता था। अब जयपुर पुलिस मामला दर्ज कर एसएमएस अस्पताल की कमेटी के साथ फोर्टिस, ईचसीसी व अन्य अस्पताल की भूमिका की पड़ताल करेगी।उल्लेखनीय है कि राजस्थान एसीबी ने अंग प्रत्यारोपण के लिए निजी हॉस्पिटलों को एसएमएस अस्पताल की कमेटी के नाम पर रिश्वत लेकर फर्जी एनओसी देने के मामले का 2 अप्रेल को ही खुलाया किया था। एसीबी ने एसएमएस अस्पताल के सहायक प्रशासनिक अधिकारी गौरव ङ्क्षसह व फोर्टिस हॉस्पिटल के विनोद व ईएचसीसी हॉस्पिटल के अनिल जोशी को गिरफ्तार किया था।