पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान आंदोलन को लेकर कहा है कि एक तरफ केन्द्र सरकार चौधरी चरण सिंह और एम एस स्वामीनाथन को भारत रत्न देती है और दूसरी तरफ एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे किसानों पर आंसू गैस और वॉटर कैनन चला रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान आंदोलन को लेकर कहा है कि एक तरफ केन्द्र सरकार चौधरी चरण सिंह और एम एस स्वामीनाथन को भारत रत्न देती है और दूसरी तरफ एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे किसानों पर आंसू गैस और वॉटर कैनन चला रही है। यह असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है।
गहलोत ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब स्वयं इस कानून की वकालत करते थे पर अब वो किसानों को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी नहीं करने देना चाहते। यह किसानों के मुद्दों पर एनडीए सरकार का दोहरा चरित्र दिखाता है. कांग्रेस पूरी तरह किसानों के पक्ष में खड़ी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने एक बयान में कहा कि चौधरी चरण सिंह अगर जिंदा होते तो, किसान से क्रूरता देखकर वे भारत रत्न लौटा देते। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के लिए रेड कार्पेट बिछाने वाली भाजपा सरकार किसानों पर आंसू गैस के गोले और लाठियां बरसा रही है। प्रधानमंत्री किस मुंह से किसान हित की बात करते है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी किसानों पर लाठीचार्ज करने की निंदा करते हुए मोदी सरकार से किसानों की मांग को पूरा करने को कहा है।