
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस वार्ता में मौजूद सेना के अधिकारी। फोटो: पत्रिका
जयपुर। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ आज राजधानी जयपुर में मनाई जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शाम 5 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक फिल्म भी जारी करेंगे। इससे पहले जयपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित सप्तशक्ति कमांड में गुरुवार दोपहर दो दिवसीय जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस शुरू हुई। जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान समेत तीनों सेनाओं के शीर्ष कमांडर मौजूद है।
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस वार्ता में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, अभी तो शुरुआत है। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा। भारत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाएगा। इस मौके पर राजीव घई ने दुष्यंत कुमार के शेर भी सुनाए। उन्होंने कहा कि 65 फीसदी हथियार अब अपने देश में बन रहे हैं और सेना उन्हीं हथियारों का उपयोग कर रही है।
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि ऑपरेशन में हमारा ऑब्जेक्टिव क्लियर था और ऑपरेशन के लिए पूरी छूट दी गई थी। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में मारे गए हमारे भाई-बहनों को हम वापस नहीं ला सकते, लेकिन यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ऐसा हमला दोबारा न हो।
एयर मार्शल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था। सेनाओं को पूरी ऑपरेशन फ्रीडम दी गई थी। इसमें थल, वायु और नौसेना के तीनों सेवा प्रमुखों के साथ मिलकर हर विकल्प पर विचार किया गया और हर निर्णय को बहुत संतुलित तरीके से लिया गया। उन्होंने कहा कि जब हम कार्रवाई करते हैं, तो उसमें किसी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं होती है।
सप्तशक्ति कमांड में शुरू हुई दो दिवसीय जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का विषय ‘नए युग में सैन्य क्षमता’ रखा गया है। इस कॉन्फ्रेंस में आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक युद्ध आदि विषयों पर मंथन होगा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सेना की क्षमता बढ़ाने का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।
Updated on:
07 May 2026 02:40 pm
Published on:
07 May 2026 02:08 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
