जयपुर

राजस्थान में 1 जनवरी से बदलेंगे ड्राइविंग लाइसेंस के नियम, 2 साल तक रिन्यू नहीं कराया तो आयुक्त से लेनी होगी मंजूरी

राजस्थान में 1 जनवरी से ड्राइविंग लाइसेंस का नया वर्गीकरण लागू होगा। दो साल से एक्सपायर लाइसेंस और डुप्लीकेट रिकॉर्ड को लेकर नियम बदलेंगे। पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए टेस्ट और परिवहन आयुक्त की मंजूरी भी जरूरी हो सकती है।
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Updated: 1 Nov 2026, 10:56 AM IST
driving licence new rules
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जयपुर. ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद उसे समय पर रिन्यू कराना जरूरी है। यदि आपने कई साल तक इस पर ध्यान नहीं दिया तो लाइसेंस का रिकॉर्ड स्थायी आर्काइव में पहुंच सकता है। इसके बाद उसे दोबारा सक्रिय कराना सामान्य नवीनीकरण जितना आसान नहीं होगा। आरटीओ से सत्यापन, ड्राइविंग टेस्ट, निर्धारित फीस और राज्य परिवहन आयुक्त की मंजूरी तक लेनी पड़ सकती है। ऐसे पुराने, एक्सपायर और डुप्लीकेट लाइसेंस के रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार ने सारथी पोर्टल पर नया वर्गीकरण मॉडल तैयार किया है। प्रदेश में इसे एक जनवरी से लागू करने की तैयारी है। परिवहन विभाग ने पोर्टल में जरूरी बदलाव और टेस्टिंग पूरी करने के निर्देश दिए है। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में ऐसे एक्सपायर और डुप्लीकेट लाइसेंस की संख्या चार लाख से अधिक है।

हर साल 8 लाख ड्राइविंग टेस्ट

  • 08 लाख ड्राइविंग टेस्ट प्रतिवर्ष हो रहे हैं।
  • 90 हजार टेस्ट व्यावसायिक, भारी वाहन लाइसेंस से जुड़े हैं।
  • 03 लाख व्यावसायिक वाहन लाइसेंस का हर साल नवीनीकरण होता है।

डुप्लीकेट लाइसेंस पर भी शिकंजा

एक व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक लाइसेंस होने पर एएसटीआर आधारित प्रणाली से पहचान की जाएगी। संबंधित व्यक्ति को 30 दिन में यह चुनने का मौका मिलेगा कि कौनसा रिकॉर्ड बरकरार रखना है। 15 दिन बाद रिमाइंडर भी भेजा जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर सबसे हाल में जारी वैध लाइसेंस रिकॉर्ड रखा जाएगा। एक साल से अधिक समय से एक्सपायर लाइसेंस के मामलों में आधार से जुड़े मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड का भी सत्यापन होगा।

एक साल बाद रिन्युअल के लिए टेस्ट

लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के एक साल से अधिक समय बाद नवीनीकरण कराने पर ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा। इसके लिए नया लर्निंग लाइसेंस नहीं बनवाना पड़ेगा, लेकिन निर्धारित फीस दोबारा जमा करनी होगी।

चार श्रेणियों में बंटेंगे लाइसेंस

  1. एक्टिव-कम्प्लायंटः वैध और प्रतिबंध रहित लाइसेंस इस श्रेणी में रहेंगे।
  2. एक्टिव ड्यू रिन्यूअलः 75 साल से कम उम्र वालों के एक्सपायर लाइसेंस दो साल तक और 75 साल से अधिक उम्र वालों के एक साल तक इस श्रेणी में रहेंगे।
  3. टेम्पररी आर्काइवः 75 साल से कम उम्र वालों के दो से चार साल पुराने और अधिक उम्र वालों के एक से दो साल पुराने लाइसेंस इसमें रखे जाएंगे।
  4. परमानेंट आर्काइवः 75 साल से कम उम्र वालों के चार साल से अधिक और अधिक उम्र वालों के दो साल से अधिक पुराने लाइसेंस इस श्रेणी में जाएंगे। रद्द, स्थायी रूप से सरेंडर और डुप्लीकेट रिकॉर्ड भी इसमें शामिल होंगे।
Updated on:
1 Nov 2026, 10:56 AM IST
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