1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Exclusive: बाड़मेर मेडिकल कॉलेज रैगिंग कांड में 80 छात्रों पर एक्शन, 6 को हॉस्टल से निकाला; जूनियर्स से करवाए अनैतिक काम

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर 80 MBBS विद्यार्थियों पर कार्रवाई और 6 को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। जोधपुर मेडिकल कॉलेज में भी जूनियर्स ने सीनियर्स पर क्लीन शेव और 'हेलो बॉस' बोलने का दबाव बनाने के आरोप लगाए।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Arvind Rao

•

image

भवानी सिंह राठौड़

•

Updated: 1 Nov 2026, 9:05 AM IST

barmer medical college ragging case

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज रैगिंग कांड में 80 छात्रों पर एक्शन (पत्रिका क्रिएटिव फोटो)

-भवानी सिंह राठौड़

बाड़मेर: डॉक्टर बनने का सपना लेकर बाड़मेर मेडिकल कॉलेज पहुंचे प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को कथित तौर पर रैगिंग, धमकी और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच और अनुशंसा के बाद करीब 80 एमबीबीएस विद्यार्थियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। छह को छात्रावास से स्थायी रूप से निष्कासित किया गया है। अन्य विद्यार्थियों को 30, 15 और सात कार्यदिवस तक शैक्षणिक गतिविधियों से बाहर रखने के साथ एक वर्ष तक सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाई गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने भी कॉलेज प्रशासन से 24 घंटे में सात बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा एंटी रैगिंग कमेटी, स्क्वॉड और नोडल अधिकारी की कार्रवाई, बैठक के रिकॉर्ड, विद्यार्थियों के बयान तथा सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की पुष्टि भी मांगी है।

पीड़ितों ने एनएमसी को भेजी शिकायत

आयोग को मिली शिकायत में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के जबरन बाल कटवाने, धमकाने, मेडिकल आईडी और एमएलसी से जुड़े मामलों में दबाव बनाने तथा जूनियर्स को 'व्हाइट हाउस' नामक स्थान पर ले जाकर अपमानजनक निर्देश देने के आरोप हैं। शिकायत में 'द ओजी एमएलसी फॉर 2026 बैच' नाम से प्रसारित पीडीएफ का भी उल्लेख है। आरोप है कि विद्यार्थियों को इसमें शामिल अश्लील और अपमानजनक सामग्री पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। कुछ संकाय सदस्यों की जानकारी और प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं।

जोधपुर मेडिकल कॉलेज में क्लीन शेव और हेलो बॉस बोलने का दबाव

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला एक बार फिर सामने आया है। प्रथम वर्ष के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने सीनियर विद्यार्थियों पर अभद्र व्यवहार, धमकाने, अपमानित करने और मनमाने नियम थोपने के आरोप लगाए हैं। 28 अक्टूबर को कॉलेज परिसर में आयोजित क्लीन कैंपस ड्राइव के दौरान विवाद होने के बाद विद्यार्थियों ने यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। एक महीने के भीतर कॉलेज में रैगिंग की यह दूसरी शिकायत है। शिकायत में विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 बैच के सीनियर उन्हें क्लीन शेव रहने, विशेष हेयरकट रखने और फॉर्मल कपड़े पहनने के लिए बाध्य कर रहे हैं। सीनियर्स के सामने नजरें नीचे रखने, झुककर अभिवादन करने और उन्हें 'हेलो बॉस' कहने का दबाव बनाया जा रहा है।

विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर धमकियां दी जाती हैं। विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज समय के बाद भी उनका पीछा कर आसपास के क्षेत्रों में परेशान किया जाता है। यहां तक कि कभी भी जेब की जांच करने जैसी अपमानजनक शर्तें भी थोपी जा रही हैं। शिकायत में एनाटॉमी विभाग के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर पर भी सीनियर्स के कथित अनुचित व्यवहार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि लगातार उत्पीड़न से वे मानसिक तनाव और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी के समक्ष संबंधित पक्षों को बुलाया गया और उनके पक्ष सुने गए।

शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप

  • ड्रेस कोड: क्लीन शेव, विशेष हेयरकट और फॉर्मल कपड़े पहनने का दबाव।
  • अभिवादन: सीनियर्स को 'हेलो बॉस' बोलने और नजरें नीचे रखने का दबाव।
  • धमकियां: विरोध करने पर अभद्र भाषा और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी।
  • अपमानजनक निर्देश: जेब में अश्लील सामग्री रखने और जांच के नाम पर अपमानित करने का आरोप।
  • कॉलेज के बाहर भी दबाव: समय समाप्त होने के बाद भी पीछा कर परेशान करने की शिकायत।
  • मानसिक प्रताड़ना: पढ़ाई प्रभावित होने और असुरक्षा का माहौल बनने का आरोप।

जांच में और भी पक्ष

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इससे पहले प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों से अलग-अलग पूछताछ की। जो लिखित शिकायत हुई, उसमें पांच नामों के अलावा अन्य नाम भी सामने आए। एंटी रैगिंग कमेटी ने 2022 बैच के दो और 2025 बैच के छह विद्यार्थियों का पक्ष जाना और लिखित सफाई ली है।

सूची के साथ शिकायत: 2025 बैच के जिन सीनियर्स को कमेटी के सामने प्रस्तुत किया गया है, उनके मोबाइल में जूनियर्स के भेजे इंट्रो भी मिले हैं। ऐसे में जूनियर्स पर यह दबाव बनाने की जांच भी की जा रही है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले 90 नामों की सूची के साथ एक शिकायत की गई थी, जिसमें जूनियर्स को अपना परिचय देते समय सीनियर्स को बॉस कहकर संबोधित करने के लिए कहा गया था। हालांकि, उस जांच में कोई दोषी साबित नहीं हुआ।

अभी जांच को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दोषियों को सस्पेंड करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

-डॉ. बी.एस. जोधा, प्रिंसिपल

बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़