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Jodhpur News: जोधपुर एम्स में नर्सिंग छात्रा के साथ रैगिंग, 3 सीनियर छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई

Jodhpur AIIMS: एम्स के नर्सिंग विद्यार्थियों की ओर से 8 मार्च को फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन है। इसकी तैयारियों को लेकर 15 फरवरी को एक्टिविटी रूम में विद्यार्थीं एकत्रित हुए। इस दौरान फर्स्ट ईयर की एक छात्रा को तीन सीनियर छात्राओं ने मौखिक रूप से प्रताड़ित किया।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 27 Feb 2025, 8:26 AM IST

Jodhpur AIIMS

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में बीएससी नर्सिंग फर्स्ट ईयर की छात्रा के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। सीनियर छात्राओं ने मौखिक रूप से जूनियर छात्रा को प्रताड़ित किया। छात्रा की ओर से इस शिकायत एम्स निदेशक डॉ. गोवर्द्धनदत्त पुरी से करने के बाद एम्स में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में पीड़ित छात्रा और तीन आरोपी छात्राओं का पक्ष सुना गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार जूनियर की किसी भी तरह की प्रताड़ना को रैगिंग माना गया है।

इसको देखते हुए सीनियर छात्रा को तीन महीने और दूसरी को एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। एक अन्य छात्रा को चेतावनी देकर छोड़ा गया। सस्पेंशन के दौरान छात्राएं कक्षाओं में नहीं जा पाएंगी। गौरतलब है कि गत वर्ष अक्टूबर में एमबीबीएस स्टूडेंट्स के बीच रैगिंग की शिकायत यूजीसी पोर्टल पर हुई थी। जांच के बाद आरोपी छात्रों को तीन व छह माह के लिए सस्पेंड किया था।

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एम्स के नर्सिंग विद्यार्थियों की ओर से 8 मार्च को फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन है। इसकी तैयारियों को लेकर 15 फरवरी को एक्टिविटी रूम में विद्यार्थीं एकत्रित हुए। इस दौरान फर्स्ट ईयर की एक छात्रा को तीन सीनियर छात्राओं ने मौखिक रूप से प्रताड़ित किया। बोले गए शब्दों से पीड़ित छात्रा आहत हो गई, जबकि रैगिंग करने वाली छात्राओं ने इसे एन्जॉय किया।

पीड़ित छात्रा ने एम्स निदेशक तक लिखित में अपनी शिकायत पहुंचा कर रैगिंग करने वाली तीनों छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बीच सत्र और छात्रा के प्रवेश के छह माह बाद हुई रैगिंग की घटना को गंभीरता से लेते हुए जोधपुर एम्स प्रशासन ने मामले की प्राथमिक जांच करवाई, जिसमें तीनों आरोपी छात्राओं ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद मामला एंटी रैगिंग कमेटी के समक्ष रखा गया।

छात्राओं ने गलती स्वीकारी

एम्स में एंटी रैंगिंग कमेटी की बैठक से पहले सब कमेटी की भी बैठक हुई। एंटी रैगिंग कमेटी में सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद रैगिंग लेने वाली मुख्य आरोपी सीनियर छात्रा को मेजर पेनल्टी के तहत तीन माह व उसका सहयोग करने वाली छात्रा को माइनर पेनल्टी के तहत एक माह के लिए शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। वहीं तीसरी छात्रा जो केवल साथ थी, उसको चेतावनी देकर छोड़ा गया है। तीनों छात्राओं ने अपनी गलती स्वीकार की थी।

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