विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में एक बार फिर से बागवती सुर नजर आ रहे हैं। पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने वसुंधरा विरोध के नाम पर अशोक गहलोत पर निशाना साधा तो उनके विधायक ने सीधे आलाकमान को ही चुनौती दे दी है।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में एक बार फिर से बागवती सुर नजर आ रहे हैं। पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने वसुंधरा विरोध के नाम पर अशोक गहलोत पर निशाना साधा तो उनके विधायक ने सीधे आलाकमान को ही चुनौती दे दी है। सचिन पायलट खेमे के विधायक और इस समय प्रदेश के सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने पूरी कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा है कि 'मैं चैलेंज देना चाहता हूं, मां का दूध पिया है तो सचिन पायलट के खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई करके बताइए। छठी का दूध याद आ जाएगा।'। रही बात अनुसाशनहीनता आए तो जब जी में जचे कर देना।
वह झुंझुनूं के खेतड़ी में टीबा गांव में शहीद की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे। इस सभा में सचिन पायलट भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मुझे कहा जाता है कि मुख्यमंत्री जेल भेज देंगे,जेल लाइसेंस रिन्यू करा लो। हम भी कहते हैं कि जिस दिन जरूरत पड़ी हम नहीं पूरे राजस्थान की 36 कौम जेल क्या जान भी देने को तैयार हैं। प्रदेश के करोड़ों लोग गद्दार, नाकारा, निकम्मा नहीं सुन सकते हैं। हमारे धैर्य की परीक्षा नहीं ली जाए।
इस कार्यक्रम में पायलट गुट के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि बिना पायलट के कांग्रेस की सरकार आना मुश्किल है। शहीद की वीरांगना नौकरी के लिए तड़प रही है और मंत्रियों को पावर तक नहीं है। कम से कम जो देश के लिए शहीद हो गए हैं। उनकी इज्जत होनी चाहिए और उनका कर काम होना चाहिए।