इस बार मानसून जल्दी आने से दो महीने पहले ही राजस्थान में पर्यटन की बहार शुरू हो गई है। मानसून के इस खुशनुमा मौसम में छाई हरियाली ने प्रदेश के स्मारकों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को पर्यटकों से गुलजार कर दिया है।
…पुनीत शर्मा
जयपुर: इस बार मानसून के समय से पहले दस्तक देने से राजस्थान में पर्यटन सीजन भी तय समय से पहले ही शुरू हो गया है। आमतौर पर अक्तूबर से शुरू होने वाला टूरिस्ट सीजन इस बार जुलाई से ही रफ्तार पकड़ चुका है।
मौसम की नरम ठंडक और हरियाली से सराबोर प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। जयपुर, उदयपुर, पुष्कर और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर्यटकों का जमावड़ा लगा है। जयपुर में ही प्रतिदिन दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से 10 हजार पर्यटक आ रहे हैं।
राज्य में इस बार छह की बजाय पूरे नौ महीने पर्यटन सीजन जवां रहने की संभावना है। जुलाई और अगस्त में मानसून की पूरी सक्रियता के चलते जगह-जगह हरियाली फैल चुकी है, जिससे किले, महल और झीलों के दृश्य और भी आकर्षक हो गए हैं।
पर्यटन से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि 1 जुलाई से लेकर 31 मार्च तक लगातार सैलानियों की आमद बनी रहने की उम्मीद है। इससे इस पूरे सीजन में करीब 6 हजार करोड़ रुपए का पर्यटन कारोबार होने की संभावना है।
पर्यटकों की पहली पसंद अब भी पिंक सिटी जयपुर ही बनी हुई है। जहां हवामहल, आमेर, सिटी पैलेस जैसे स्मारक हर मौसम में खास आकर्षण होते हैं। इसके बाद लेक सिटी उदयपुर, पुष्कर, चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़ और जोधपुर जैसे गंतव्य भी सैलानियों को खूब भा रहे हैं।
होटल, रेस्टोरेंट, लोकल गाइड और कैब सेवाओं से जुड़े व्यवसायों में भी रौनक लौटने लगी है। मानसून के इस खास सीजन ने न सिर्फ सैलानियों को आकर्षित किया है, बल्कि पर्यटन उद्योग से जुड़े हजारों लोगों को रोजगार और उम्मीद भी दी है।