जयपुर

गुठली बनें तो ही जीवन का अर्थ : कोठारी

यूरोप के खूबसूरत देश चेक गणराज्य के स्टिल्की शहर में 'दैनिक जीवन में योग' विषय पर 7 दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें यूरोपीय देशों सहित चीन व अन्य देशों से लोग हिस्सा ले रहे हैं।
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dr. gulab kothari
गुठली बनें तो ही जीवन का अर्थ : कोठारी

स्टिल्की (चेक गणराज्य). यूरोप के खूबसूरत देश चेक गणराज्य के स्टिल्की शहर में 'दैनिक जीवन में योग' विषय पर 7 दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें यूरोपीय देशों सहित चीन व अन्य देशों से लोग हिस्सा ले रहे हैं। विश्वगुरु दीप आश्रम के प्रणेता स्वामी महेश्वरानंद के प्रवचन के साथ शुक्रवार को चेक गणराज्य के समयानुसार स्टिल्की आश्रम में इसका उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम को राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक व वेद मर्मज्ञ गुलाब कोठारी ने भी संबोधित किया।

कोठारी ने यूरोपीय देशों से आए लोगों को पहले दिन शरीर और आत्मा के संबंध को गुठली के जरिए समझाया। उन्होंने कहा, मनुष्य का जीवन गुठली की तरह है। गुठली जमीन के अंदर रहकर संघर्ष करती है, बड़ी होकर शाखाओं और फल-फूल के साथ पेड़ बनकर नजर आती है। इंसान की सार्थकता भी तब ही है, जब वह गुठली बनकर समाज और देश के लिए फलकारी साबित हो। कोठारी ने कहा कि योग भी गुठली के इस बलिदान का ही रूप है। योग के जरिए समाज में बड़ा बदलाव आ सकता है। हम चाहें तो जीवन को इस तरह बदल सकते हैं कि वह सबके लिए कल्याण का काम करे।

कुलिशजी का समाज को अद्वितीय योगदान : महेश्वरानंद
कार्यक्रम में स्वामी महेश्वरानंद ने कहा, कर्पूरचंद कुलिश ने वेद विज्ञान के जरिए समाज को जो दिशा दी, उसे भुलाया नहीं जा सकता। कुलिशजी के सुपुत्र गुलाब कोठारी भी उसी राह पर चल रहे हैं। कोठारी की विज्ञान व वेद पर लिखित किताबें समाज को रास्ता बता रही हैं। उन्होंने कहा कि योग से आज पूरी दुनिया लाभान्वित हो रही है। हम ही वे भाग्यशाली हैं, जिन्हें ईश्वर ने संस्कृत के रूप में अद्भुत भाषा दी है। महेश्वरानंद ने कार्यक्रम में यूरोप के विभिन्न देशों से आए लोगों से कोठारी का परिचय कराया। महेश्वरानंद ने बताया कि 7 दिवसीय कार्यक्रम में योग के विभिन्न रूप, क्रियाएं, व्याख्यान, सवाल-जवाब आदि आयोजन होंगे। कार्यक्रम में चेक गणराज्य के साथ ही इंगलैंड, फ्रांस, इटली, जापान, चीन समेत एक दर्जन से अधिक देशों से लोग शिरकत कर रहे हैं।


24 तक होंगे कार्यक्रम

स्टिल्की आश्रम में 24 अगस्त तक योग पर विविध कार्यक्रम होंगे। इसके लिए कोठारी शुक्रवार को चेक गणराज्य पहुंचे। वे योग, वेद विज्ञान पर यूरोप से आए लोगों की जिज्ञासाओं का शमन भी करेंगे। इसके लिए अलग से प्रश्नोत्तर सत्र होगा।

Updated on:
18 Aug 2018 08:25 pm
Published on:
18 Aug 2018 08:10 pm
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