जयपुर

लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में जारी हुए ये निर्देश, अब Fake News डालने वालों की खैर नहीं, प्रशासन रखेगा कड़ी नजर

लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में जारी हुए ये निर्देश, फेक न्यूज डालने वालों की खैर नहीं, प्रशासन रखेगा कड़ी नजर
less than 1 minute read
Mar 14, 2019
Feature image

जयपुर।

लोकसभा चुनाव के एेलान के साथ ही राजस्थान में भी चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। हाल ही में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक अहम बैठक ली और लोकसभा चुनाव को लेकर निर्देश जारी किए।

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम ने कहा कि लोकसभा आम चुनाव-2019 में प्रिंट-इलेक्ट्रोनिक और सोशल मीडिया पर पेड न्यूज-फेक न्यूज, संदेहास्पद विज्ञापन और खबरों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के साथ समन्वय कर कई कमेटियों का गठन भी कर दिया गया है।

डॉ. जोगाराम गुरुवार को लोकसभा आम चुनाव-2019 के लिए गठित मीडिया प्रकोष्ठ के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पेड न्यूज एवं फेक न्यूज की मॉनीटिरिंग की जाएगी। उन्होंने उम्मीदवारों द्वारा प्रकाशित और प्रसारित विज्ञापनों से पूर्व प्रमाणीकरण, पेड न्यूज और फेक न्यूज को पहचानने और उससे जुड़े कानूनों के बारे में भी विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को इलेक्ट्रोनिक मीडिया में विज्ञापन देने के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। प्रिंट मीडिया में विज्ञापन देने के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य नहीं है, पर समाचार पत्रों के ई-पेपर में प्रकाशित किए जाने वाले विज्ञापनों के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य हैं।

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण और समावेशी मतदान कराना विभाग की जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में एमसीएमसी कमेटी का गठन किया जा रहा है। कमेटी का काम चुनाव की घोषणा के साथ ही शुरू हो गया है। कमेटी उम्मीदवारों द्वारा इलेक्ट्रोनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित समाचारों पर कड़ी निगरानी रखेगी।

Updated on:
14 Mar 2019 07:13 pm
Published on:
14 Mar 2019 07:13 pm