
Weather Change Effect Electricity : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक तरफ फ्री में बिजली बांट रहे हैं तो दूसरी तरफ लोगों को पैसे देने पर भी बिजली नहीं मिल रही है। गर्मी में तपिश बढ़ने के साथ ही प्रदेश में फिर बिजली संकट गहरा गया है। सप्ताह में एक दिन औद्योगिक इकाइयों में शाम 7 से सुबह 5 बजे तक बिजली कटौती होगी। यानि उस दौरान ज्यादातर जगह उत्पादन ठप रहेगा।
ऊर्जा विभाग ने शुक्रवार दोपहर में आदेश दिया और डिस्कॉम्स ने शाम से ही लागू भी कर दिया। ऐसी औद्योगिक इकाइयां जहां निरंतर प्रोसेसिंग होती है, उन्हें भी 50 प्रतिशत लोड कम करके ही संचालन करना होगा। सोमवार से शनिवार के बीच जोन अनुसार अलग-अलग दिन कटौती होगी। रविवार को कटौती नहीं होगी। इसके पीछे बिजली डिमांड और उत्पादन में 1100 मेगावाट का अंतर गहराने का रटारटाया तर्क दिया जा रहा है।
किस दिन, कहां होगी कटौती
सोमवार- खुशखेड़ा इण्डस्ट्रीयल एरिया, कारोली, सलारपुर, चौपानकी, पथरेडी, केहरानी, सरायखुर्द, अजमेर शहर व ग्रामीण एरिया, सिरोही, जालोर
मंगलवार- भिवाड़ी मुख्य इण्डस्ट्रीय एरिया, भीलवाड़ा, जोधपुर सिटी
बुधवार- जयपुर ग्रामीण, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, जोधपुर ग्रामीण, बीकानेर
गुरुवार- जयपुर शहर, चित्तौडगढ़
शुक्रवार- कोटा व भरतपुर जोन, टोंक, दौसा, बहरोड, नीमराना, उदयपुर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर
शनिवार- अलवर (मत्स्य इण्डस्ट्रीयल व ओल्ड इण्डस्ट्रीयल एरिया, राजगढ़, खैरथल, केजीबास, थानागाजी, तिजार), राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली अल्ट्राटैक, अंबुजा सीमेंट इण्डस्ट्री के अलावा), जैतारण
250 लाख यूूनिट खरीदी महंगी बिजली
इस गर्मी में पहली बार अधिकतम बिजली डिमांड 3000 लाख यूनिट को क्रॉस कर गई, जबकि उपलब्ध केवल 2750 लाख यूनिट ही थी। ऐसे में बाकी 250 लाख यूनिट बिजली एक्सचेंज से 5 से 10 रुपए यूनिट तक महंगी दर पर खरीदी गई।
डिमांड व सप्लाई में 1 हजार यूनिट का अंतर
आगामी दिनों में डिमांड व सप्लाई में 1 हजार से 1500 यूनिट तक अंतर रह सकता है। घरेलू उपभोक्ता के भी कटौती के दायरे में आने की आशंका बन रही थी। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों में कटौती की गई। इससे रोज 500 से 700 मेगावाट बिजली बचने की उम्मीद है।
पांच माह पहले ही हुई थी कटौती
राजस्थान में पिछले तीन साल से लगातार बिजली कटौती हो रही है। पिछले वर्ष दिसम्बर में ही औद्योगिक इकाईयों भी अलग से कटौती की गई, जो कई दिन तक चली। जिन्होंने विद्युत लोड कम नहीं किया था, जनवरी में कई इकाइयों का कनेक्शन तक काट दिया था। व्यापारी व उद्योगपतियों ने विरोध भी जताया था।