जयपुर के आकांक्षा गोस्वामी और अंकित शर्मा ने 16 जनवरी को आयोजित विवाह समारोह के लिए ईको-फ्रेंडली कार्ड्स तैयार करवाए हैं। इन इन्विटेशन कार्ड्स के ज़रिये विवाह निमंत्रण के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का सन्देश भी है।
जयपुर।
क्या कभी आपने सोचा है कि आपके पास आया शादी का निमंत्रण पत्र भी एक पौधे का रूप ले सकता है? ज़ाहिर है ऐसा सोचकर एक बारगी तो हैरानी होगी, पर ये सच है। दरअसल, जयपुर में एक अनूठे तरह का विवाह निमंत्रण पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे पौधा वो भी गेंदे के फूल का पौधा उगाया जा सकता है।
यह सराहनीय पहल की है विवाह बंधन में बंधने जा रहे दो युवाओं ने। जयपुर के आकांक्षा गोस्वामी और अंकित शर्मा ने 16 जनवरी को आयोजित विवाह समारोह के लिए ईको-फ्रेंडली कार्ड्स तैयार करवाए हैं। इन इन्विटेशन कार्ड्स के ज़रिये विवाह निमंत्रण के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का सन्देश भी है। फिलहाल ये कार्ड्स चर्चा का विषय बने हुए हैं। वहीं आकांक्षा-अंकित की इस पहल की हर कोई सराहना कर रहा है।
आकांक्षा के अनुसार उन्होंने अंकित के साथ मिलकर विवाह को यादगार बनाने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया। आखिर में दोनों ने प्रकृति को कुछ लौटाने को सबसे बेहतर मानते हुए शादी के लिए ईको-फ्रेंडली कार्ड्स डिज़ायन करवाने का मन बनाया।
इधर, आकांक्षा के पिता सीनियर मीडिया एक्सपर्ट व कमेंट्रेटर मुकुल गोस्वामी ने बताया कि 'वर-वधु' की इस पहल के विचार को पूरे परिवार का साथ मिला। इसी मंशा से काम करते हुए पुत्री के विवाह में ईको-फ्रेंडली निमंत्रण पत्र छपवाकर लोगों तक भिजवाए जा रहे हैं। इन कार्ड्स के ज़रिये पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता लाने की कोशिश की जा रही है।
कार्ड से बचाएं पर्यावरण
इन्विटेशन कार्ड के लिफ़ाफ़े में विवाह निमंत्रण के साथ ही इसी कार्ड से पौधा लगाए जाने का तरीका भी बताया गया है। इसमें जानकारी दी गई है कि जब इस कार्ड का उपयोग यानी विवाह की तारिख निकल जाए, तब इस कार्ड को पौधा लगाने के काम में उपयोग में लिया जा सकता है।
ये दे रहे सन्देश
अनूठे कार्ड में इस निमंत्रण पत्र को री-यूज़ करने के बारे में बताया गया है। साथ ही सन्देश लिखा है, 'यह निमंत्रण मैरीगोल्ड सीड पेपर (गेंदे के फूल के बीज से बना कागज़) से बना है। इस पेपर से पौधरोपण करके आप नवविवाहित जोड़े की ओर से इस मातृभूमि को कुछ वापस करने में मदद कर सकते हैं।'
ऐसे बनाएं कार्ड से पौधा
कार्ड से गेंदे के फूल का पौधा बनाने के बताए गए तरीके के अनुसार सबसे पहले निमंत्रण पत्र को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद जब ये कागज़ की लुगदी में बदल जाए तब इसे किसी गमले की मिट्टी में रोप दें। अब इसे सूर्य की उपयुक्त रोशनी में प्रतिदिन पानी देते रहें। कुछ ही दिनों में गमले में मेरीगोल्ड (गेंदे के फूल) का पौधा खिल उठेगा।
बचेगा कागज तो निखरेगी धरती
गौरतलब है कि देश में रोजाना कई टन कागज की खपत होती है। ये लेखन तथा मुद्रण के लिए उपयोग किए जाने के बाद आमतौर पर बेकार सामग्री के रूप में फेंक दी जाती है। रीसाइक्लिंग न की जाए तो यह कागज कचरे के ढेरों में बदलकर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और प्रदूषण जैसी समस्या खड़ी कर सकता है। ऐसे में पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने के लिए कागज की रीसाइक्लिंग बेहद ज़रूरी है।