जयपुर

Ethanol Update : एथेनॉल पर जयपुर में पंप संचालक दबी जुबां में बोले- पेट्रोल शुद्ध नहीं! जानें बताई क्या वजह?

Ethanol Update : बाजार में एथेनॉल मिला पेट्रोल बिका रहा है। इसकी क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं। जयपुर में पेट्रोल पंप संचालक ने दबी जुबां में बताई बड़ी बात।
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Ethanol Update Jaipur Pump operators spoke hushed tones Petrol is not pure know reason
Ethanol Update : जयपुर में पेट्रोल भरता एक युवक। फाइल फोटो पत्रिका

Ethanol Update : एथेनॉल की प्रकृति हवा, आर्द्रता से भी नमी सोखने की है। कार निर्माता कंपनियों ने ई-20 पेट्रोल के हिसाब से वाहनों के इंजन तो तैयार कर दिए, लेकिन पेट्रोल पंप पर पेट्रोल स्टॉक करने के लिए बने भूमिगत टैंक अब भी पुराने परंपरागत डिजाइन पर ही बने हुए हैं। ऐसे में हवा की नमी और भूमिगत आर्द्रता इस पेट्रोल को पानी बना रही है। जिससे पेट्रोल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसे में अब पेट्रोल पंप पर मिलने वाला पेट्रोल, शुद्ध पेट्रोल की श्रेणी में नहीं माना जा रहा है। बारिश का दौर शुरू होने के बाद कम गुणवत्ता वाले पेट्रोल के उपयोग से वाहनों में मिसिंग, इंजन की आवाज बदलने और गाड़ी बंद होने जैसी दिक्कतें और बढ़ेंगी।

पेट्रोल पंप संचालक दबी जुबान में बोले

पेट्रोल पंप पर पेट्रोल स्टॉक करने के लिए भूमिगत टैंक होते हैं। इन टैंक में बारिश के दौरान पानी का रिसाव, भूमिगत आर्द्रता से नमी और पेट्रोल लेकर आने वाले टैंकरों से पानी की कुछ मात्रा टैंक में पहुंचती है। पानी की यह मात्रा आधा प्रतिशत से ज्यादा हो जाती है तो एथेनॉल इस पानी को सोखना शुरू कर देता है और पेट्रोल में पानी मिल जाता है। हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल में मिला हुआ पानी टैंक के तल में बैठ जाता है और इसका उपयोग नहीं होता है।

इंजन E-20 के हिसाब से नहीं हैं भूमिगत पेट्रोल टैंक

जानकारी के अनुसार कार निर्माता कंपनियों ने कारों के इंजन ई-20 पेट्रोल के हिसाब से डिजाइन किए हैं। लेकिन पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल स्टाॅक करने के लिए बने भूमिगत टैंक पुराने पेट्रोल के स्टाॅक करने के हिसाब से बने हुए हैं। पुराने डिजाइन के टैंक में एथेनॉल हवा और नमी के कारण पानी में बदल रहा है और एक हिसाब से पेट्रोल अब शुद्ध पेट्रोल नहीं माना जा रहा है। क्योंकि पेट्रोल में पानी की मात्रा होने पर इसे शुद्ध नहीं माना जा सकता है।

टैंक के तले में बैठ जाता है

एथेनॉल हवा से नमी सोखता है और पानी बन जाता है। ऐसे में पंप पर बने भूमिगत टैंक में भी हवा और आर्द्रता के कारण एथेनॉल पानी में बदल रहा है। हालांकि पंप पर टैंक में पेट्रोल स्थिर रहने के कारण यह टैंक के तले में बैठ जाता है।
पंप संचालक, रामबाग सर्कल, जयपुर

पानी में बदल कर पेट्रोल में मिल रहा है एथेनॉल

भूमिगत टैंक पुराने डिजाइन के बने हुए हैं और हवा की नमी, आर्द्रता से एथेनॉल पानी में बदल रहा है और यह पेट्रोल में मिल रहा है।
पंप संचालक टोंक रोड

पानी बन जाता है एथेनॉल

एथेनॉल हवा से नमी सोखता है और पानी बन जाता है। लेकिन पंप पर टैंक में पेट्रोल स्थिर रहने के कारण यह टैंक के तले में बैठ जाता है। वहीं सिस्टम भी ऐसा है कि जब टैंक में 2500 लीटर पेट्रोल शेष रहता है तो पंप ऑटोकट हो जाता है।
पंप संचालक, रामबाग सर्कल

Updated on:
18 Jul 2026 09:53 am
Published on:
18 Jul 2026 09:53 am