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Re-NEET-2026 Result : 575 से कम अंक तो जनरल श्रेणी अभ्यर्थियों को सरकारी कॉलेज मिलना मुश्किल, रहेगा कड़ा मुकाबला

Re-NEET-2026 Result : विशेषज्ञों का आकलन है सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को इस बार राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट हासिल करने के लिए कम से कम 575 या उससे अधिक अंक की जरूरत पड़ सकती है।
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Re NEET 2026 Result general category students marks 575 less difficult government college admission

Re-NEET-2026 Result : ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Re-NEET-2026 Result : री-नीट-2026 परिणाम इस बार राजस्थान के मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए राहत से ज्यादा चुनौती लेकर आया है। परीक्षा में क्वालिफाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या और हाई स्कोर करने वालों का अनुपात पिछले एक दशक में सबसे अधिक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का आकलन है कि सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को इस बार राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट हासिल करने के लिए कम से कम 575 या उससे अधिक अंक की जरूरत पड़ सकती है।

नीट-यूजी 2026 का कड़ा रहेगा मुकाबला

इस वर्ष राजस्थान से 2,85,583 विद्यार्थियों ने नीट के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से 1,92,023 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 1,33,140 ने परीक्षा क्वालिफाई की। परिणामों के विशेषज्ञ विश्लेषण से संकेत मिल रहे है कि 500 से 715 अंक के बीच करीब एक लाख विद्यार्थी हो सकते है। यही कारण है कि काउंसलिंग में सीटों के लिए मुकाबला पहले से कहीं अधिक कड़ा रहने वाला है। इस वर्ष राजस्थान के आंकड़े देखे जाएं तो 69.34 फीसदी विद्यार्थी नीट क्वालिफाइड हुए है।

राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर

देश के सरकारी और निजी मेडिकल संस्थानों के एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राजस्थान से 1.33 लाख विद्यार्थी क्वालिफाइड घोषित किए गए हैं। क्वालिफाइड विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश 1.70 लाख क्वालिफाइड विद्यार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। दरअसल, वर्ष 2025 में राजस्थान से 1.19 लाख विद्यार्थी क्वालिफाइड हुए थे। इस बार संख्या बढ़कर 1.33 लाख हो गई, यानी करीब 14 हजार विद्यार्थियों की वृद्धि हुई। यह मेडिकल अंडर ग्रेजुएट शिक्षा के लिए सकारात्मक संकेत है।

हमारे विद्यार्थी कर रहे बेहतर प्रदर्शन

तीन वर्षों में न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक लगातार बढ़े हैं और राजस्थान के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। यही वजह है कि अन्य राज्यों की तुलना में यहां सरकारी मेडिकल कॉलेजों की कटऑफ परंपरागत रूप से अधिक रहती है। वर्ष 2023, 2024 और 2025 के प्रमुख काउंसलिंग राउंड के रुझानों और इस बार के परिणामों को देखते हुए सामान्य वर्ग के लिए 575 प्लस अंक सुरक्षित स्थिति माने जा रहे हैं।
अतुल बापना, चिकित्सा शिक्षा विशेषज्ञ

कटऑफ में 10 से 15 अंकों तक की बढ़ोतरी संभव

पिछले वर्ष 2025 की काउंसलिंग में जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और झालावाड़ जैसे पुराने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को लगभग 564 अंक तक प्रवेश मिला था। वहीं राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अधीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह कटऑफ करीब 548 अंक रही थी। इस बार हाई स्कोरर्स की संख्या बढ़ने से अनुमान है कि कटऑफ में 10 से 15 अंकों तक की बढ़ोतरी संभव है।
डॉ. राकेश जैन, चेयरमैन, राजस्थान नीट यूजी काउंसलिंग बोर्ड 2025

सामान्य श्रेणी में कॉलेज के लिए कितने अंक चाहिए

575 से अधिक अंक सरकारी मेडिकल कॉलेज की दौड़ में मजबूत स्थिति।
560-575 अंक नए कॉलेजों-काउंसलिंग के बाद की स्थिति पर नजर रखनी होगी।
550 से कम अंक सरकारी सीट की संभावना सीमित, निजी कॉलेज या अन्य विकल्पों की तैयारी भी साथ रखें।
548 अंक थे नीट 2025 में कटऑफ। जानकारों के मुताबिक, इस बार दस से पंद्रह अंकों की बढ़ोतरी संभव। (500 से 715 अंक के बीच करीब एक लाख अभ्यर्थियों की संभावना)