
राजस्थान हाईकोर्ट। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पासपोर्ट के लिए चरित्र सत्यापन के मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा के तत्कालीन अधिकारी संजय दीक्षित व रणजीत सिंह के खिलाफ सीबीआइ में दर्ज एफआइआर रद्द करने का आदेश दिया। न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने संजय दीक्षित व रणजीत सिंह की याचिका पर शुक्रवार को यह आदेश दिया। इस मामले में प्रहलाद गुर्जर ने 2009 में पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत की थी कि रणजीत सिंह को जारी पासपोर्ट अवैध है, उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं।
दीक्षित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्र और अधिवक्ता जया मित्र ने राजस्थान हाईकोर्ट को बताया कि जैसे ही प्रार्थी को रणजीत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली, उसने सत्यापन वापस लेने की पुलिस को सूचना दे दी। रणजीत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग शर्मा ने कोर्ट को बताया कि प्रहलाद गुर्जर की जिस याचिका के आधार पर सीबीआइ को जांच सौंपी गई, वह बिना आदेश समाप्त हो चुकी। ऐसे में एफआइआर को रद्द किया जाए।
सीबीआइ की ओर से अधिवक्ता जगमोहन सक्सेना ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दीक्षित ने हिस्ट्रीशीटर रहे व्यक्ति के चरित्र का सत्यापन किया और रणजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सीबीआइ ने इस मामले में जांच कर ली, लेकिन चार्जशीट को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया गया। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद एफआइआर रद्द करने का आदेश दिया।
प्रहलाद गुर्जर ने साल 2009 में पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत की थी कि रणजीत सिंह को जारी पासपोर्ट अवैध है, उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। पासपोर्ट कार्यालय ने प्रहलाद गुर्जर के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इस पर गुर्जर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसके आधार पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 13 जनवरी 2010 में सीबीआई को मामला सौंप दिया था।सीबीआई ने 29 जनवरी 2010 को एफआईआर दर्ज की।
खंडपीठ ने 10 नवंबर 2010 को एकलपीठ का आदेश रद्द कर मामले पर पुन: सुनवाई का आदेश दिया था। शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने पासपोर्ट के लिए चरित्र सत्यापन मामले में सुनवाई की। इस दौरान न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने याचिका पर सुनवाई करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के तत्कालीन अधिकारी संजय दीक्षित व रणजीत सिंह के खिलाफ सीबीआइ में दर्ज एफआइआर रद्द करने का आदेश देते हुए बड़ी राहत दी है।
Updated on:
18 Jul 2026, 8:05 AM IST
Published on:
18 Jul 2026, 8:05 AM IST
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