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Rajasthan Politics : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव की आहट हुई तेज, भाजपा-कांग्रेस अलर्ट, दोनों संगठन साधने में जुटे

Rajasthan Panchayat Nikay Elections : राजस्थान में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गईं है। भाजपा बूथ स्तर पर सक्रिय तो कांग्रेस जिला इकाइयों को पूरा करने में जुट गई है।
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Rajasthan Panchayat Nikay Elections preparations intensify BJP Congress alert

Rajasthan Politics : कांग्रेस-भाजपा। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Panchayat Nikay Elections : राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ने संगठनात्मक मजबूती पर फोकस बढ़ा दिया है। भाजपा जहां 61,404 बूथों में से करीब 15 हजार बूथों पर अध्यक्ष और कार्यकारिणी का गठन पूरा करने की चुनौती से जूझ रही है, वहीं कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के आठ माह बाद भी 50 में से 20 जिलों की जिला कार्यकारिणी घोषित नहीं कर सकी है।

भाजपा : 15 हजार बूथों पर संगठन करेगी मजबूत

पंचायत और निकाय चुनाव की आहट के बीच भाजपा संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बूथ स्तर पर अपनी सबसे अहम इकाई को मजबूत करने की है। लगभग 15 हजार बूथों पर अभी तक अध्यक्ष या कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद राजस्थान प्रदेश भाजपा संगठन सक्रिय हुआ है। सभी जिलों से बूथ, मंडल और जिला स्तर की संगठनात्मक स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। जिन जिलों में संगठन अधूरा है, वहां जल्द नियुक्तियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। बूथ अध्यक्ष को चुनावी रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता है, क्योंकि मतदाता तक सीधे पहुंच और मतदान प्रबंधन की जिम्मेदारी इसी स्तर पर होती है।

नए जिलों में संगठन का भी होना है विस्तार

संगठनात्मक दृष्टि से भाजपा ने संगठन को 44 जिलों में बांटा हुआ है। प्रशासनिक नए जिलों के गठन के बाद कई स्थानों पर संगठनात्मक ढांचा भी नए सिरे से तैयार होना है। ऐसे में जिला स्तर पर खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, ताकि निकाय चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह खड़ा किया जा सके।

कांग्रेस : 30 जिलों की कार्यकारिणी घोषित, 20 कर रही इंतजार

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों की तैयारियों में जुटी कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर अभी भी अपनी सभी जिला इकाइयों को पूरा नहीं कर सकी है। संगठन सृजन अभियान के तहत करीब आठ माह पहले जिलाध्यक्षों की नियुक्ति किए जाने के बावजूद प्रदेश के 50 संगठनात्मक जिलों में से 20 जिलों की जिला कार्यकारिणी अब तक घोषित नहीं हो सकी है।

पार्टी नेतृत्व चाहता है कि जिला कार्यकारिणी में सभी प्रमुख नेताओं के समर्थकों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले। इसके लिए सांसदों, पूर्व सांसद प्रत्याशियों, विधायकों, पूर्व विधायक प्रत्याशियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी नाम लिए गए हैं।

इनकी कार्यकारिणी घोषित

हनुमानगढ़, बीकानेर ग्रामीण, सीकर, जयपुर ग्रामीण (वेस्ट), कोटपूतली-बहरोड़, डीग, धौलपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, अजमेर ग्रामीण, अजमेर शहर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, ब्यावर, फलौदी, जोधपुर ग्रामीण, जोधपुर शहर, जैसलमेर, बालोतरा, जालौर, सिरोही, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, कोटा ग्रामीण, बारां और झालावाड़।