जयपुर

कांस्टेबल की नौकरी छोड़ बना IAS, चयन होने से गांव में खुशी की लहर

रातावाल का 2008 में राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ था। अब वह IAS बन गया है।
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Apr 29, 2018
Ex-constable clears UPSC exam

शाहपुरा। क्षमताओं का अच्छे से आंकलन कर विपरीत परिस्थिति में धैर्य बनाए रखने से ही सफलता मिलती है। सफलता के कदम चूमने के लिए कठोर परिश्रम से पीछे नहीं हटना चाहिए। यह कहना है शाहपुरा के देवन निवासी आईएएस में 587वीं रैंक हासिल करने वाले मुकेशकुमार लुणायत का। शाहपुरा तहसील के देवन गांव निवासी किसान रामावतार लुणायत के बेटे लुणायक के आईएएस में चयन होने से गांव में खुशी की लहर है। वहीं माता संज्या देवी गृहणी है। वह चार भाईयों में बड़ा है। गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने के बाद मनोज ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की ललक से कठोर परिश्रम शुरू किया। मुकेश ने सफलता का श्रेय माता-पिता, मामा सहित अन्य परिवारजन, ननिहाल पक्ष, पूर्व विद्यालय के पूर्व प्राचार्य महेन्द्र चौधरी और उत्तराखंड में आईएएस पद पर नियुक्त मित्र रोहित मीणा को दिया है। मुकेश का छोटा भाई विनोद लुणायत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में उपनिरीक्षक पद पर नियुक्त है।

कुंडला क्षेत्र का बढ़ाया मान
ग्राम श्यामपुरा निवासी मनोजकुमार रातावाल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में 834वीं रैंक हासिल कर गांव का ही नहीं अपितु कुंडला क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रातावाल का जन्म विराटनगर उपखंड के ग्राम श्यामपुरा में वर्ष 1988 में हुआ। दो भाई बहनों में छोटा मनोज शुरु से ही होनहार था। रातावाल के पिताजी सोहनलाल प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक है। माता मानादेवी गृहणी है। इससे पहले रातावाल का 2008 में राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ था। चयन के पांच साल बाद 2013 में कांस्टेबल की नौकरी छोड़ दी। वर्ष 2013-14 में सेशन कोर्ट जयपुर में एलडीसी के पद पर चयन हुआ, लेकिन कुछ समय बाद यह नौकरी भी छोड़ दी। इसके बाद एसिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयन हुआ, लेकिन सपना आईएएस बनने का था। इसलिए रातावाल ने यहां भी ड्यूटी ज्वॉइन नहीं की। इसके बाद अब आईएएस बनकर ही दम लिया है। रातावाल ने इसका श्रेय अपने माता व पिता को दिया है।

विद्यार्थी जीवन से था आईएएस बनने का सपना
आईएएस परीक्षा 403वीं रैंक प्राप्त कर लिसाडिया निवासी मोनिका यादव ने बताया कि विद्यार्थी जीवन से आईएस बनकर देश व समाज की सेवा करने का सपना संजोया था। पिता के आरएएस बनने पर दादाजी कहा करते थे की बेटी तुझे भी तेरे पिता से बड़ा अधिकारी बनना है। इसी सपने को लेकर 7 घंटे तक पढ़ाई कर मंजिल पाई है। मोनिका की मां सुनिता ने कहा की बेटी को सपनों को पूरा करने के लिए प्यार से डाट फ टकार भी लगा देती थी। पिता हरफूल यादव के आरएएस होने से बेटी को आईएएस बनने में प्रेरणा व मार्गदर्शन मिला है। पिता वर्तमान में धौलपुर में अतिरिक्त जिला कलक्टर के पद पर कार्यरत है। मोनिका के घर सुबह से शाम तक बधाई देने वालो का तांता लगा रहा।

Published on:
29 Apr 2018 02:21 pm