
Rajasthan Nikay Elections: (फाइल फोटो- पत्रिका)
जयपुर। राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के सभी 309 शहरी निकायों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। दोनों चरणों के चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी और इसी दिन शाम तक चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इसके बाद 21 सितंबर को निकाय प्रमुखों का चुनाव होगा, जबकि 22 सितंबर को उपाध्यक्ष चुने जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 27 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त तय की गई है। प्रत्याशी 3 सितंबर तक नामांकन वापस ले सकेंगे। 4 सितंबर को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम पूरा होने तक संबंधित शहरी निकाय क्षेत्रों में आचार संहिता प्रभावी रहेगी।
राजस्थान के कुल 309 शहरी निकायों में चुनाव होंगे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। 22 सितंबर को नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक होगी। इसी दौरान डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
चुनाव की घोषणा के साथ लागू हुई आदर्श आचार संहिता के तहत शहरी क्षेत्रों में नए विकास कार्यों की घोषणा नहीं की जा सकेगी। नए टेंडर जारी करने और नए वर्क ऑर्डर देने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा किसी नई योजना की घोषणा, सरकारी उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम भी नहीं किए जा सकेंगे।
मंत्री और जनप्रतिनिधि चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहनों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान मंत्री सरकारी गेस्ट हाउस में भी नहीं ठहर सकेंगे। सरकार या जनप्रतिनिधियों की ओर से ऐसी कोई घोषणा अथवा प्रचार गतिविधि नहीं की जा सकेगी, जिससे मतदाता प्रभावित हों।
आचार संहिता लागू होने के बावजूद पहले से स्वीकृत और शुरू हो चुके विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे। जिन परियोजनाओं के वर्क ऑर्डर आचार संहिता लागू होने से पहले जारी हो चुके हैं, वे जारी रह सकेंगे। जमीन पर पहले से चल रहे निर्माण कार्य भी चलते रहेंगे। इसके साथ ही सफाई, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यक नागरिक सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
आचार संहिता के दौरान विधानसभा में विधेयक पेश करने और विधायी कार्य निपटाने पर सामान्य तौर पर रोक नहीं होगी। हालांकि, इस दौरान विधेयक पारित नहीं हो सकेंगें। उम्मीद है कि यूसीसी और खेजड़ी से जुड़े विधेयक सदन में रख दिए जाएंगे, नवंबर महीने में एक अलग सत्र बुलाकर इन विधेयकों को पारित कराया जाएगा। सरकार ऐसे निर्णय, प्रचार या सरकारी विज्ञापन जारी नहीं कर सकेगी, जिनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हो। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता के नियम प्रभावी रहेंगे।
Updated on:
19 Aug 2026 05:03 pm
Published on:
19 Aug 2026 05:03 pm
