इन दिनों वित्त मंत्रालय और गृहमंत्रालय के मुद्दे चर्चा में छाए हैं।
इन दिनों वित्त मंत्रालय और गृहमंत्रालय के मुद्दे चर्चा में छाए हैं। Budget करीब है, देश की #Economy गड़बड़ाई हुई है। नागरिकता संशोधन कानून को ले कर भी देशभर में उथल-पुथल चल रही है। इन सभी प्रमुख मुद्दों पर #Patrika के वरिष्ठ संवाददाता मुकेश केजरीवाल ने पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम से विशेष बातचीत की...
पूरा इंटरव्यू देखने के लिए यहां क्लिक करें - https://youtu.be/XEao3vdZgoA
चिदंबरम ने कहा कि सभी पैमाने नकारात्मक हैं, नीचे की ओर जा रहे हैं। फिस्कल डेफिसिट 3.3 को ब्रीच करने वाली है। टैक्स राजस्व 2.5 लाख करोड़ कम होगा। खर्च वे मुमकिन है कि इसके लक्ष्य को पूरा कर लें, लेकिन संभव है कि वे इससे पीछे रह जाएं। निर्यात नकारात्मक है पिछले 5 महीने से आयात पिछले 8 महीने से नकारात्मक है। कंज्यूमर प्राइस इनप्लेशन 7 प्रतिशत से अधिक है। खाद्य महंगाई 10 प्रतिशत से अधिक है। क्रेडट ग्रोथ इंडस्ट्री का नकारात्मक है। स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज का क्रेडिट ग्रोथ नकारात्मक है। ऐसा कुछ नहीं है जो सकारात्मक है। कृषि इस साल सिर्फ 2 प्रतिशत पर बढ़ेगी। ग्रामीण मजदूरी उतने पर ही अटकी हुई है, ग्रामीण आमदनी उतने पर ही अटकी हुई है। उत्पादकों को कीमत नहीं मिल रही है। उपभोक्ताओं की मांग कम हो गई है। निवेश अब तक के सबसे निचे स्तर पर पहुंच गया है। बेरोजगारी 45 साल के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। आप किसी फैक्टर या इंडिकेटर को देख लीजिए। यह नकारात्मक है।