जयपुर

Exclusive: ‘क्या रे, तुम वही हो न, जो कल रात हमला करके भागे थे?’ RPF के सवाल सुनते ही घबरा गए टाइगर श्रॉफ के हमलावर

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद फरार तीनों हमलावरों को RPF और पुलिस ने कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए बाइक, लोकल ट्रेन और कैब का सहारा लेकर सूरत पहुंचे थे, फिर बिना टिकट पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए।
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Oct 20, 2026
tiger shroff firing case
इनसेट में टाइगर श्रॉफ और कोटा में पकड़े गए हमले के आरोपी (पत्रिका फोटो)

-देवेंद्र सिंह राठौड़

Tiger Shroff Firing Case: जयपुर: मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में आरपीएफ और पुलिस ने फिल्मी अंदाज में तीन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया। इस पूरे ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों हमलावरों ने वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए बाइक, लोकल ट्रेन और कैब का सहारा लिया। इसके बाद सूरत पहुंचकर वे बिना टिकट पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए।

श्रॉफ पर फायरिंग रविवार शाम करीब 7 बजे हुई थी। शूटरों के कोटा पहुंचने की सूचना पर आरपीएफ के जवान सादे कपड़ों में यात्री बनकर कोच में चढ़े और मुंबई पुलिस की ओर से भेजे गए संदिग्धों के फोटो से यात्रियों का मिलान शुरू किया। तभी एक जवान की नजर कोच की खिड़की के पास बैठे एक नाबालिग आरोपी पर पड़ी। वह खिड़की से हाथ बाहर निकालकर प्लेटफॉर्म पर खड़े एक वेंडर से भुजिया (पकौड़ी) खरीद रहा था।

आरपीएफ के सवाल सुनते ही घबरा गए थे हमलावर

आरपीएफ के दोनों जवान तुरंत उस नाबालिग के पास पहुंचे और उसकी सीट के नजदीक बैठ गए। उन्होंने शातिर अंदाज में उससे पूछताछ की, 'तुम लोग तो मुंबई से तीन लोग चढ़े थे, बाकी के दो साथी कहां हैं?' यह सुनते ही नाबालिग घबरा गया और झट से बोला, 'वे दोनों तो सो रहे हैं।' इसके बाद उसने अपने साथियों को हिलाते हुए कहा, 'उठो, कोटा आ गया है।' जैसे ही दोनों आरोपी नींद से जागे, यात्री बनकर बैठे आरपीएफ जवान ने सीधे सवाल दागा, 'क्या रे, तुम लोग वही हो न, जो कल रात हमला करके भागे थे?' यह सुनते ही तीनों आरोपियों के चेहरों की हवाइयां उड़ गईं।

जब पुणे-जयपुर एक्सप्रेस कोटा स्टेशन पर रुकी…

इससे पहले कि वे संभल पाते, आरपीएफ जवान ने खिड़की के पास सादे कपड़ों में खड़े पुलिसकर्मियों को इशारा किया और तीनों हमलावरों को दबोच लिया। इससे पहले सुबह 10:17 बजे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस कोटा स्टेशन पर आकर रुकी थी। तय प्लान के मुताबिक, आरपीएफ उपनिरीक्षक सुमित रघुवंशी और आरक्षक सीताराम सादे कपड़ों में इंजन की तरफ से सीधे जनरल कोच में दाखिल हुए। उनके पीछे-पीछे सादे कपड़ों में अन्य सुरक्षाकर्मी भी कोच में सवार हो गए। हालांकि, वे सभी अलग-अलग सीटों पर इस तरह बैठे कि किसी को शक न हो।

ऑपरेशन के दौरान किसी भी तरह की भगदड़ या अप्रिय घटना से बचने के लिए रेलवे प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए। जनरल कोच के बाहर आठ टीटीई और कमर्शियल स्टॉफ तैनात किया गया। उन्होंने आम यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर रखा। बदमाशों को पकड़ने के लिए पुणे-जयपुर एक्सप्रेस को कोटा स्टेशन पर निर्धारित समय से पांच मिनट अधिक रोका गया।

हमलावरों ने हथियार निकालने की कोशिश की थी

शूटरों के पकड़े जाने की खबर यात्रियों में फैलते ही उनमें भय का माहौल बन गया। सूत्रों और आरपीएफ स्टाफ के शुरुआती बयानों के अनुसार, गिरफ्तारी के वक्त एक आरोपी ने अपनी जेब में हाथ डालकर डराने या हथियार निकालने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर किसी भी हथियार की बरामदगी से इनकार किया है।

Updated on:
20 Oct 2026 07:29 am
Published on:
20 Oct 2026 07:29 am