
जयपुर. जवाहर कला केंद्र में शहरवासियों को 1947 के बाद इंडिया के आउटफिट्स का शानदार इतिहास देखने को मिलेगा और एग्जीबिशन में देश के नामी कलाकार, डिजाइनर्स, ब्रांड्स एवं संग्रहालयों का कार्य दिखाया जाएगा और मौका होगा 'न्यू ट्रेडिशंस: इंफ्लुएंसेस एंड इंस्पीरेशंस इन इंडियन टेक्सटाइल्स 1947-2017 एक्जीबिशन का, जो 22 जून से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेगी।
एग्जीबिशन के माध्यम से भारत की आजादी के बाद हस्तनिर्मित वस्त्रों में हुए विकास को प्रदर्शित किया जाएगा और एग्जीबिशन में देश के नामी कलाकार, डिजाइनर्स, ब्रांड्स एवं संग्रहालयों का कार्य दिखाया जाएगा और लोग उस एग्जीबिट को देख सकेंगे और एग्जीबिशन को मयंक मानसिंह कौल ने क्यूरेट और रोहा साढ़ी ने डिजाइन की है। एग्जीबिशन के दौरान 2 जुलाई को एक खास आयोजन होगा और 1947 में भारत की आजादी के बाद की थीम पर यह प्रदर्शनी विभिन्न विषयों पर आधारित होगी और इन थीम में राष्ट्रीय आंदोलनय खादी एवं 20वीं शताब्दी के आरम्भ से मध्य में यूरोपीयन और औपनिवेशिक संघर्षो से हुए प्रभावों के साथ-साथ 1950 से वर्तमान समय की अंतर्राष्ट्रीय आधुनिकता के साथ हुए जुड़ाव शामिल होंगे।
कला, डिजाइन और फैशन का प्रदर्शन
एग्जीबिशन में कपड़ों पर पेंटिंग्स, टेपिस्ट्रीज और मूर्तियां, कालीन एवं गलीचे और साड़ी पर रचनात्मक अभिव्यक्ति के अलग अलग सवरूप लोगों को दिखाए जाएंगे और अलग-अलग कपड़ों पर तरह-तरह की पेंटिंग्स, टेपिस्ट्रीज और मूर्तियां, कालीन एवं गलीचे पर अलग अलग तरह के डिजाइन दिखाए जाएंगे नए फैशन और फैशन के अलग अलग रुझान लोगो को देखने को मिलेगा और इस एग्जीबिशन में सामग्री और तकनीक का भी समावेश होगा और इसी प्रकार इसमें 1970 के दशक से ग्राम आधारित शिल्प और वस्त्रों में आरम्भ होने वाले बदलाव नजर आएंगे।
इनका रहेगा योगदान
इस एग्जीबिशन में इनका रहेगा योगदान अमित अग्रवाल, बशोबी तिवाड़ी और बेरेनाईस इलिना, चारू वाधवा, घिओरा, मनीषा अरोड़ा, रितेन मजूमदार, रितु कुमार और संजय गर्ग सहित इनके अलावा कई डिजाइनर्स भाग लेंगे।