रोने की वजह से हमारी आंखें लाल होकर सूज जाती हैं और फिर हमें उन्हें छिपाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाने पड़ते हैं।
रोना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता क्योंकि इससे तनाव बढ़ता है। असल में हमारी लेक्रिमल ग्लैंड्स आंसुओं का निर्माण करती हैं। इसका काम आंसुओं की मदद से आंखों को संक्रमण से बचाना है लेकिन जब हम रोते हैं तो यह ग्रंथि ओवरएक्टिव हो जाती है, जिससे लगातार आंसू आते रहते हैं। धीरे-धीरे आंखों के आसपास फ्लूड इकट्ठा हो जाता है, जिससे ये सूज जाती हैं और उनमें लालिमा व जलन की समस्या होने लगती है। ऐसी स्थिति में कुछ घरेलू उपायों से आंखों की सूजन को दूर कर सकते हैं। जानते हैं इनके बारे में...
कोल्ड कंप्रेस से दें आंखों को आराम : आंखों को आराम पहुंचाने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है कोल्ड कंप्रेस यानी ठंडा सेक। ठंडा सेक आपकी आंखों के आस-पास की त्वचा को टाइट बनाने का काम करता है जिससे सूजन दूर होती है और आपको काफी आराम मिलता है।
ऐसे करें प्रयोग: इसके लिए एक छोटे रूमाल या किसी सूती कपड़े को पानी में भिगोएं और फिर निचोड़कर आंखों पर रखें। पांच-पांच मिनट के अंतराल में आंखों पर से इसे हटाएं और फिर से पानी में डुबोकर व निचोड़कर रखें। लगभग 10 से 12 मिनट तक ऐसा करने से आंखों को काफी आराम मिलेगा। दिनभर में दो से तीन बार इस प्रयोग को किया जा सकता है।
खीरे पहुंचाएंगे ठंडक : सूजी हुई आंखों और जलन की समस्या को कम करने के लिए खीरा लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक रस आंखों को ठंडक पहुंचाता है। इसकी एस्ट्रीजेंट प्रॉपर्टीज सूजन को घटाने का काम करती हैं।
ऐसे करें प्रयोग: इसके लिए खीरे के दो स्लाइस लें और आंखों पर रखें। जैसे ही आपको खीरे की स्लाइस में से ठंडक कम लगने लगे तो इन्हें हटाकर दूसरे स्लाइस रख लें। ये आंखों का मामला है इसलिए खीरे को काटने से पहले स्लाइस को अच्छी तरह से धो लें। दिनभर में इस प्रयोग को तीन से चार बार करें। आप चाहें तो खीरे को कद्दूकस करके भी आंखों पर रख सकती हैं। बाद में आंखों को गुनगुने पानी से धो लें।
टी बैग से सूजन होगी दूर : सूजन को दूर करने के लिए टी बैग प्रभावी होते हैं। ब्लैक टी के बैग में टैनिन नाम का तत्व मौजूद होता है, जो आंखों की त्वचा में प्रवेश करके सूजन को दूर करता है।
ऐसे करें प्रयोग : दो टी बैग को गर्म पानी में उबाल लें और ठंड होने दें। बाद में इन्हें अपनी आंखों पर रखें और 10 मिनट रिलेक्स करें। दिन में दो बार ऐसा करने से लाभ होगा।