Eye Bank Society of Rajasthan: राजस्थान की आई बैंक सोसायटी ने बदली 16 हजार लोगों की दुनिया, नेत्रदान से रोशन हुए हजारों जीवन, जानिए राजस्थान की प्रेरणादायक कहानी।
Cornea Transplant: जयपुर। आंखों की रोशनी छिन जाने के बाद अंधेरे में जीने को मजबूर हजारों लोगों के जीवन में आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान ने उजाला भरने का कार्य किया है। यह संस्था पिछले 23 वर्षों से नेत्रदान के क्षेत्र में न केवल प्रदेश बल्कि देशभर में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। संस्था ने अब तक 25,060 कॉर्निया मृत देह से प्राप्त किए हैं, जिनमें से 16,065 कॉर्निया जरूरतमंदों को प्रत्यारोपित किए जा चुके हैं। इस प्रकार लगभग 64 प्रतिशत कॉर्निया का सफल उपयोग हुआ है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर है।
आइ बैंक सोसायटी के प्रवक्ता लक्ष्मण बोलिया ने बताया कि जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा समेत प्रदेश के कई जिलों में कॉर्निया कलेक्शन सेंटर सक्रिय हैं। जब राज्य में मांग पूरी हो जाती है, तब बचे हुए कॉर्निया देश के अन्य राज्यों जैसे अमृतसर, अहमदाबाद, भोपाल, चंडीगढ़, देहरादून, इंदौर, लखनऊ, मुंबई और नई दिल्ली आदि को भेजे जाते हैं। फरवरी 2015 से मार्च 2025 तक कुल 4,791 कॉर्निया अन्य राज्यों में भेजे गए हैं।
आइ बैंक सोसायटी के अध्यक्ष बी. एल. शर्मा ने बताया कि यह संस्था देश के 10 राज्यों के 35 शहरों में कार्य कर रही है। इसकी सफलता में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, जो संस्था को स्वयंसेवी रूप से वित्तीय सहयोग भी देते हैं। इसके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए संस्था को अंधता निवारण के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए अधिस्वीकरण पत्र भी दिया गया है।
आज भी हजारों लोग कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के कारण जीवन में अंधकार झेल रहे हैं। ऐसे में यह संस्था एक प्रेरणा बनकर उभरी है। हर नागरिक को नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि मृत्यु के बाद भी किसी की दुनिया रोशन की जा सके।