जयपुर

प्रदूषण को ‘खरीद-बेच’ सकेंगी फैक्टरियां, गुजरात मॉडल पर राजस्थान में काम शुरू

जयपुर . वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अब प्रदेश में भी गुजरात की तर्ज पर उत्सर्जन व्यापार योजना (ईटीएस) शुरू होगी। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में इंडस्ट्रीज से छोड़े जाने वाले सल्फर डाइऑक्साइड (एसओ2) उत्सर्जन पर नजर रखी जाएगी। अब फैक्टरियां प्रदूषण को ‘खरीद-बेच’ सकेंगी, यानी कम धुआं छोड़ने वाली इकाइयों को लाभ […]

2 min read
Feb 14, 2026

जयपुर . वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अब प्रदेश में भी गुजरात की तर्ज पर उत्सर्जन व्यापार योजना (ईटीएस) शुरू होगी। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में इंडस्ट्रीज से छोड़े जाने वाले सल्फर डाइऑक्साइड (एसओ2) उत्सर्जन पर नजर रखी जाएगी। अब फैक्टरियां प्रदूषण को 'खरीद-बेच' सकेंगी, यानी कम धुआं छोड़ने वाली इकाइयों को लाभ मिलेगा।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल अधिक प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों को केवल नोटिस देने या जुर्माना वसूलने के बजाय अब ईटीएस योजना से जोड़ेगा। इसमें प्रदूषण की एक तय सीमा (कैप) निर्धारित की जाएगी और फैक्टरियों को सीमित परमिट दिए जाएंगे। जो फैक्टरी तय सीमा से कम प्रदूषण करेगी, वह अपने बचे हुए परमिट दूसरी फैक्टरी को बेच सकेगी। अधिक प्रदूषण करने वाली इकाई को अतिरिक्त परमिट खरीदने होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण करने वाली इकाइयों को आर्थिक लाभ होगा।

अध्ययन शुरू, अप्रेल में आएगी रिपोर्ट

मंडल योजना लागू करने से पहले इसका अध्ययन करवा रहा है। इसके लिए अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्शन लैब (जे-पीएएल) दक्षिण एशिया और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ट्रस्ट के ऊर्जा नीति संस्थान (ईपीआइसी-इंडिया) के साथ 5 साल का एमओयू किया गया है। अध्ययन की रिपोर्ट अप्रेल में आएगी। इससे पहले मंडल ने पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का अध्ययन करवाया था।

17 सेक्टर्स की 130 इंडस्ट्रीज चिह्नित

मंडल ने सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन करने वाली सीमेंट फैक्टरी, थर्मल पावर प्लांट और धातु गलाने के संयंत्र जैसे 17 सेक्टर्स की 130 इंडस्ट्रीज को चिह्नित किया है। रिपोर्ट आने के बाद इन उद्योगों से योजना की शुरुआत होगी। मंडल ने पिछले दिनों चिह्नित इंडस्ट्रीज के स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर उन्हें योजना की जानकारी दी है।

गुजरात में मिले बेहतर परिणाम

देश में ऐसी पहल गुजरात प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सूरत से शुरू की थी। वहां पार्टिकुलेट मैटर पर कैप-एंड-ट्रेड सिस्टम लागू करने से दो साल में प्रदूषण में करीब 24 प्रतिशत की कमी आई। इसके बाद इसे अहमदाबाद में लागू किया गया और अब वडोदरा, राजकोट, वापी व भरूच जैसे शहरों में लागू करने की तैयारी है।

Published on:
14 Feb 2026 05:11 pm
Also Read
View All

अगली खबर