
राजस्थान गवर्मेंट हैल्थ स्कीम में फर्जीवाड़ा। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आरजीएचएस योजना में गंभीर अनियमितताओं के मामलों में आठ कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। अब तक अनियमितताओं के प्रकरणों में करीब 19 एफआईआर की जा चुकी है। अस्पतालों, फार्मेसी एवं अन्य हितधारकों से करीब 39 करोड़ रुपए की रिकवरी की गई है।
उल्लेखनीय है कि आरजीएचएस योजना में अनियमितताएं करने पर सात चिकित्सकों को निलंबित किया गया था और एक अस्पताल एवं एक डायग्नोस्टिक सेंटर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
अब प्राथमिक जांच में पाया गया कि 8 कार्मिकों ने आरजीएचएस योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, कार्ड और राजकीय धन राशि का दुरुपयोग किया है। यह कृत्य सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ राजकीय संसाधनों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। इसे देखते हुए इन कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस कार्रवाई में सौरभ कुमार रावत, नर्सिंग ऑफिसरआर.बी.एम. चिकित्सालय भरतपुर, मीना कुमारी चौधरी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता उप स्वास्थ्य केन्द्र खुडासा भरतपुर, किशन देई महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता उप स्वास्थ्य केन्द्र कुचावटी जिला डीग, सत्यप्रकाश छावड़ी नर्सिंग ऑफिसर जिला चिकित्सालय बयाना भरतपुर, मंजू कुमारी सीनियर नर्सिंग ऑफिसर उप स्वास्थ्य केन्द्र नगला माय जिला भरतपुर, तुलसी देवी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता उप स्वास्थ्य केन्द्र हनुमानपुरा जिला फलौदी, अनुपमा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उच्चैन भरतपुर और सुरेश चंद गुप्ता नर्सिंग ऑफिसर आरबीएम चिकित्सालय, भरतपुर को निलंबित किया गया है।
Updated on:
15 Feb 2026 08:45 pm
Published on:
15 Feb 2026 08:39 pm
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