जयपुर

Rajasthan: पहचान का फर्जीवाड़ा; बड़े घर की नौकरानी के बीकानेर में 3 पते, बदले नाम से घरों में घुसते संदिग्ध

Fake Identity Network: राजस्थान की सुरक्षा व्यवस्था के सामने एक ऐसा खतरा तेजी से आकार ले रहा है, जो बिना हथियार के भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यह खतरा है फर्जी पहचान और नकली दस्तावेज का मायाजाल।
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May 08, 2026
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

Fake Identity Network: राजस्थान की सुरक्षा व्यवस्था के सामने एक ऐसा खतरा तेजी से आकार ले रहा है, जो बिना हथियार के भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यह खतरा है फर्जी पहचान और नकली दस्तावेज का मायाजाल। राजधानी जयपुर से सामने आए हालिया मामलों ने यह साफ कर दिया है कि आधार, किरायानामा, मोबाइल सिम, घरेलू कामगार सत्यापन और स्थानीय पते जैसी व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां मौजूद हैं, जिनका फायदा संदिग्ध लोग उठा रहे हैं।

डॉक्टर के बंद मकान पर बन गया आधार

ताजा मामला जयपुर के एक डॉक्टर के बंद पड़े मकान से जुड़ा है। मानसरोवर के रजत पथ पते पर आल्मा गाजी नाम की महिला का आधार बनाया गया। मकान मालिक को इसकी भनक तक नहीं लगी। सवाल यह है कि जब मकान बंद था, तब सत्यापन किस आधार पर किया गया। क्या किसी ने मौके पर जांच की भी थी या सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर दी गई।

3 स्थानों को जोड़कर बनाया एक पता

विद्याधर नगर में घरेलू नौकर उपलब्ध कराने वाली कंपनी ने बीकानेर के पते पर रहने वाली पार्वती देवी नाम की महिला काे चौमूं हाउस क्षेत्र में नौकरानी बनाकर भेजा। पार्वती देवी का पुलिस सत्यापन मांगा तो कंपनी ने सत्यापन भरने का फार्म दे दिया। परिवार को संदेह हुआ तो बीकानेर में रेलवे स्टेशन, रोशनी चौराहा और गली नंबर 13 के पते पर महिला के रहने की जानकारी दी। परिवार ने अपने स्तर पर तस्दीक करवाई तो सामने आया कि बीकानेर में तीनों जगह अलग-अलग हैं और जो पता आधार में बताया है वह फर्जी है। इसकी भनक लगते ही घरेलू नौकरानी भाग गई।

धर्म बदलकर बना दिया पहचान पत्र

जयपुर में कुछ माह पूर्व घरेलू नौकरानी भेजने वाली कंपनी ने मुस्लिम महिला का हिंदू महिला के नाम से आधार कार्ड बनाकर एक घर में रखवा दिया था। बाद में महिला ने अपने साथियों के साथ घर में डकैती की वारदात को अंजाम दे दिया।

आतंकियों और घुसपैठियों के लिए आसान

जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड बताते हैं कि पाकिस्तान समेत कई देशों से आए संदिग्ध घुसपैठिए वर्षों से भारत में फर्जी दस्तावेज के सहारे रह रहे हैं। हाल ही पकड़े गए पाकिस्तान निवासी आतंकी खरगोश प्रकरण ने सुरक्षा एजेंसियों को भी अचंभित कर दिया। इससे पहले राजधानी जयपुर में बांग्लादेश निवासी दो परिवार ने यहां के फर्जी दस्तावेज बनाकर जयपुर विकास प्राधिकरण से मकान तक आवंटित करवा लिए थे।

सबसे बड़ा सवाल : जिम्मेदार कौन?

  • बिना मौके पर जांच किए आधार कैसे बन रहे हैं?
  • सत्यापन एजेंसियां क्या केवल दस्तावेज देखकर प्रक्रिया पूरी कर रही हैं?
  • घरेलू नौकर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?
  • पुलिस सत्यापन व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है?
  • फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई धीमी क्यों है?
Updated on:
08 May 2026 09:28 am
Published on:
08 May 2026 09:28 am
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